छप्पन की पहाड़ियों में विराजती हैं हिंगलाज माता
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बालोतरा जिले की छप्पन की पहाड़ियों में स्थित हिंगलाज माता मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। शक्ति और साहस की प्रतीक माता का यह धाम धार्मिक मान्यताओं, लोक कथाओं और ऐतिहासिक विरासत के लिए विशेष पहचान रखता है।
बीकानेर, 16 अक्टूबर। पुलिस प्रशिक्षण स्कूल (पीटीएस), बीकानेर में शुक्रवार को दीक्षांत परेड समारोह आयोजित किया गया। समारोह में आठ महीने का प्रशिक्षण पूरा करने वाले 372 प्रशिक्षु कांस्टेबल पास आउट हुए। इनमें 282 पुरुष और 90 महिला प्रशिक्षु शामिल हैं। खास बात यह है कि पास आउट होने वाले जवानों में 52 पूर्व सैनिक भी शामिल हैं। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सभी जवान जयपुर पुलिस में अपनी सेवाएं देंगे।
समारोह के मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसेफ रहे। इस अवसर पर बीएसएफ के डीआईजी अजय लूथरा, बीकानेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश, पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा और पीटीएस कमांडेंट कैलाश सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
परेड कमांडर हंसा चौधरी के नेतृत्व में प्रशिक्षुओं ने अनुशासित और आकर्षक मार्चपास्ट किया। मुख्य अतिथि ने परेड का निरीक्षण किया। इसके बाद प्रशिक्षुओं ने कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और जनसेवा की शपथ ली।
एडीजी बीजू जॉर्ज जोसेफ ने कहा कि प्रशिक्षुओं को केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से लागू नए मॉडल सिलेबस के अनुसार प्रशिक्षण दिया गया है। पुलिस के सामने उभर रही चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए जवानों को तैयार किया गया है।
प्रशिक्षण में नए आपराधिक कानूनों की जानकारी, पुलिसिंग में तकनीक के उपयोग और साइबर अपराधों से निपटने पर विशेष ध्यान दिया गया। उद्देश्य जवानों को आधुनिक पुलिसिंग के लिए दक्ष बनाना और उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने के लिए तैयार करना है।
जोसेफ ने कहा कि राजस्थान पुलिस के सामने मादक पदार्थों की तस्करी, सीमा पार से होने वाली तस्करी, गैंगस्टरों की गतिविधियों, संगठित अपराध और साइबर अपराध जैसी चुनौतियां हैं। तकनीक के दुरुपयोग से होने वाले अपराधों पर नियंत्रण करना भी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण के दौरान इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखा गया है।
उन्होंने बताया कि जयपुर पुलिस की जरूरतों के अनुसार जवानों को आगे भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जयपुर पुलिस लाइन में सॉफ्ट स्किल्स पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि पुलिसकर्मी आमजन से बेहतर संवाद कर सकें और संवेदनशीलता के साथ अपनी ड्यूटी निभा सकें।
दीक्षांत समारोह में 165 प्रशिक्षुओं ने जर्मन सेना की ड्रिल पद्धति के अनुरूप जर्मन ड्रिल का प्रदर्शन किया। इसके अलावा प्रशिक्षुओं ने सेल्फ लोडिंग राइफल के माध्यम से अपने हथियार संचालन कौशल का प्रदर्शन किया।
समारोह में जवानों का अनुशासन, शारीरिक दक्षता, सामूहिक तालमेल और हथियार संचालन की क्षमता आकर्षण का केंद्र रही। आठ महीने का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब ये 372 जवान जयपुर पुलिस में तैनात होकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे।