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छतरपुर में बारिश बनी किसानों के लिए वरदान, किसान अपना रहे आधुनिक उद्यानिकी खेती के मॉडल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 30 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
छतरपुर में बारिश बनी किसानों के लिए वरदान, किसान अपना रहे आधुनिक उद्यानिकी खेती के मॉडल

भारी बारिश से ताल-तलैया लबालब, भूजल स्तर भी बढ़ा

किसान अपना रहे आधुनिक उद्यानिकी खेती के मॉडल

बुंदेलखंड के छतरपुर में सूखे इलाकों के लिए इस बार हुई भारी बारिश किसानों के लिए दोहरा असर लेकर आई है। कुछ स्थानों पर 10 से 20 प्रतिशत तक फसलों को नुकसान हुआ है। वहीं, दूसरी ओर यही बारिश सूखे क्षेत्र के लिए वरदान साबित हुई है। जिले के कुएं, ताल, तलैया और पोखर पानी से लबालब भर गए हैं।

इससे भूजल स्तर भी तेजी से ऊपर आया है। अब किसानों की रबी फसल की सिंचाई को लेकर चिंता कम हुई है। किसान कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र और उद्यानिकी विभाग की सलाह लेकर आधुनिक खेती अपना रहे हैं। ड्रिप तकनीक और मिश्रित फसल पद्धति के जरिए सब्जियों के साथ दूसरी फसलें भी एक साथ उगाई जा रही हैं।

उद्यानिकी विभाग के अधिकारी खेतों में पहुंचकर फसलों की स्थिति का जायजा ले रहे हैं। बारिश से किसानों में अगली फसल को लेकर नई उम्मीद जगी है।

बाइट-01: एस.पी. अहिरवार, सहायक संचालक, उद्यानिकी विभाग, छतरपुर

बाइट-02: प्रवेश कुमार, स्थानीय किसान, छतरपुर

बाइट-03: नरेंद्र यादव, किसान, छतरपुर

💡 पृष्ठभूमि (Background)

छतरपुर में भारी बारिश ने सूखे को राहत पहुँचाई, जिससे किसानों को दोहरा लाभ मिला। यह घटना कृषि क्षेत्र में जल संकट को कम करने के साथ-साथ आधुनिक उद्यानिकी खेती के मॉडल को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारी वर्षा से ताल, तलैया और पोखर भर गए, भूजल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिससे सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हुआ। इस खबर का महत्व है क्योंकि यह दर्शाता है कि जलवायु परिवर्तन के बावजूद, स्थानीय प्रयास और नई खेती तकनीकें फसलों को सुरक्षित रख सकती हैं। आम जनता के लिए यह आशा देता है कि पानी की क

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।