छठ की तैयारी तेज, बेतिया के घाटों पर सफाई अभियान युद्धस्तर पर
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बेतिया में छठ घाटों की सफाई कई शिफ्ट में जारी है। मिनी पोकलेन से कचरा हटाया जा रहा है। पहुंच पथ, रोशनी और बिजली पोलों की सुरक्षा भी दुरुस्त होगी।
04 नवंबर , बेतिया (पश्चिम चंपारण , बिहार) : लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर पश्चिम चंपारण के बेतिया नगर निगम प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शहरी क्षेत्र के सभी प्रमुख छठ घाटों की साफ-सफाई, जल की स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। महापर्व में कम समय शेष रहने के कारण नगर निगम की ओर से बड़े और प्रमुख छठ घाटों पर कई शिफ्ट में सफाई एवं अन्य आवश्यक कार्य कराए जा रहे हैं।
घाटों पर पसरी गंदगी और पानी में जमा कचरे को हटाने के लिए नगर निगम की टीम लगातार काम कर रही है। इसके लिए मिनी पोकलेन मशीन की मदद से घाटों के पानी के अंदर जमा कचरे को निकाला जा रहा है। वहीं, घाट परिसर और आसपास के क्षेत्रों की भी विशेष सफाई कराई जा रही है, ताकि छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
इस संबंध में महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि छठ महापर्व की तैयारियों को लेकर नगर निगम प्रशासन पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। प्रत्येक छठ घाट की सफाई प्राथमिकता के आधार पर कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि घाटों तक पहुंचने वाले सभी रास्तों की विशेष सफाई के साथ उन्हें मोटरेबल बनाया जा रहा है, ताकि व्रतियों और श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी तरह की परेशानी नहीं हो।
इसी क्रम में महापौर ने दुर्गाबाग छठ घाट पर चल रहे सफाई एवं अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने घाट परिसर और आसपास की प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। नगर निगम के विद्युत कर्मियों की ओर से स्ट्रीट लाइटों में आई खराबियों को दूर करने के साथ पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
महापौर ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए घाटों पर लगे सभी बिजली के खंभों की अर्थिंग व्यवस्था की जांच कराने का भी निर्देश दिया है। उन्होंने संबंधित कर्मियों को सभी आवश्यक कार्य समय पर पूरा करने और घाटों पर स्वच्छता, रोशनी एवं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा।
नगर निगम प्रशासन का प्रयास है कि छठ महापर्व के दौरान व्रतियों और श्रद्धालुओं को घाटों पर किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण में भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर सकें।