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छत्तीसगढ़ में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी है

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
छत्तीसगढ़ में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी है

रायपुर, 28 सितंबर 2026

छत्तीसगढ़ में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी है।

प्रशासन ने जल भराव वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकाल कर राहत शिविरों में पहुँचाया है । प्रभावित लोगों को जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ दवाएं भी मुहैया कराई जा रही हैं ।

रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड में महानदी का जलस्तर बढ़ने के बाद सूरजगढ़ और परसापाली के प्रभावित ग्रामीणों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। सूरजगढ़ के करीब चार सौ पचास लोगों को पड़ीगांव राहत शिविर में शिफ्ट किया गया है।

बीजापुर जिले में लगातार बारिश और बाढ़ के बीच इंद्रावती नदी पार माड़ क्षेत्र में फंसे पटवारी और सर्वेयर सहित छह कर्मचारियों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित जिला मुख्यालय लाया गया।

वहीं, बलरामपुर जिले में कन्हर नदी के तेज बहाव के बीच टापू पर फंसे एक परिवार के तीन सदस्यों को करीब पांच घंटे चले रेस्क्यू अभियान के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यह घटना ग्राम कोटरी की है।

बस्तर में इंद्रावती नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है । वहीं गंगरेल बांध के गेट खोले जाने के कारण महानदी और खारुन् नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है ।

हालांकि पिछले दो दिनों से बारिश का सिलसिला थमने के बाद अब नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है ।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

छत्तीसगढ़ के रायपुर और रायगढ़ जिलों में हाल ही में तेज वर्षा के कारण हुई बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है। यह विषय जल आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सहायता के महत्व को दर्शाता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि बाढ़ ने कई गाँवों को जलमग्न कर दिया, लोगों को घरों से बाहर निकाला और जीवन-धमकी पैदा की। इस आपदा से आम जनता पर आर्थिक नुकसान, स्वास्थ्य जोखिम और अस्थायी आवास की आवश्यकता जैसी चुनौतियाँ उत्पन्न हो सकती हैं, जिससे राज्य और केंद्र को समन्वित राहत प्रयासों की आवश्यकता है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।