छत्तीसगढ़ राज्य एसबीडी पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता का शुभारंभ : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक,दुर्ग श्री विजय अग्रवाल जिला के मुख्य आतिथ्य में उद्घाटित
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भिलाई . असल बात news.
छत्तीसगढ़ राज्य पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता का उद्घाटन दुर्ग जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में हुआ.कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि श्री अंकुर मिश्रा (महासचिव, बीएसपी ऑफिसर्स एसोसिएशन), श्री अखिलेश मिश्रा (बीएसपी ऑफिसर्स एसोसिएशन), मयंक चतुर्वेदी तीरंदाज मीडिया प्रभारी भिलाई थे.कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यकारी अध्यक्ष सीजीपीएलए श्री तुलसी सोनी ने की.इस अवसर पर महासचिव कृष्णा साहू, कोषाध्यक्ष श्री संतोष देवांगन,संघ के समस्त पदाधिकारी एवं निर्णायक उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता के पहले दिन देर रात तक चली प्रतियोगिता में पुरुष 53, 59, 66, 74 एवं 83 किलो वजन वर्ग में वर्ग में 150 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया जिसमें रायगढ़, बिलासपुर, सारंगढ़, चांपा, मनेंद्रगढ़, कोंडागांव, सूरजपुर, रायपुर, भिलाई, दुर्ग, कवर्धा, बालोदबाज़ार, मुंगेली, नारायणपुर, बालोद, धमतरी, डल्लीराझरा, कोंडागांव, जगदलपुर, बस्तर, भानुप्रतापुर, कांकेर आदि जिले के खिलाड़ियों ने अपने पॉवर का प्रदर्शन करते हुए जोर आज़माइश किए ।
जबरदस्त बरसात के बीच शुक्रवार दोपहर से खिलाड़ियों के भिलाई पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी रहा और खिलाड़ियों के उत्साह और हौसलों में कोई कमी नहीं तथा रिकार्ड संख्या में खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में पूरे जोश के साथ अपना जलवा बिखेर रहे हैं.
प्रतियोगिता के दूसरे दिन आज पुरुषों की 93, 105, 120 एवं +120 kg class चल रही है जिसके तुरंत बाद बालिकाओं की 43, 47, 52, 57, 63, 69, 76, 84 एवं +84 kg class की प्रतियोगिता प्रारम्भ होगी । प्रतियोगिता के दूसरे दिन आज छत्तीसगढ़ पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री कैलाश जैन बरनेचा जी विशेष रूप से उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किए और विजेता खिलाड़ियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया । अभी तक के प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार है:
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ जनता का संदेश का मत
छत्तीसगढ़ में पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता के शुभारंभ से यह स्पष्ट होता है कि जब समाज के सभी वर्ग एक साथ मिलकर किसी सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन करते हैं, तो वह न केवल शारीरिक शक्ति बल्कि एकजुटता और सकारात्मक ऊर्जा को भी बढ़ाता है। इसी तरह, यदि किसी विवाद का सामना हो तो संवाद और कानूनी रास्ते अपनाने से समाधान मिलता है, जिससे न केवल व्यक्तिगत शांति बनी रहती है बल्कि समाज में भी विश्वास और सहिष्णुता की भावना बढ़ती है।