छोटे भाई ने बड़े भाई पर तीन राउंड फायर किए:नदबई के बरबारा गांव में, पीड़ित बाल-बाल बचा; पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →नदबई क्षेत्र के गांव बरबारा में शनिवार देर शाम आपसी विवाद को लेकर दो भाइयों के बीच मारपीट और फायरिंग का मामला सामने आया है। आरोप है कि छोटे भाई ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर बड़े भाई से मारपीट की। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर तीन राउंड फायर किए और बाइक से मौके से फरार हो गए। गनीमत रही कि फायरिंग में किसी को गोली नहीं लगी।
पुलिस के अनुसार, बरबारा निवासी कोमल सिंह पुत्र मोहन सिंह शनिवार देर शाम गांव में स्थित एक परचून की दुकान पर सामान लेने गया था। इसी दौरान उसका छोटा भाई चन्द्रभान सिंह उर्फ छोटू अपने दो अन्य साथियों के साथ वहां पहुंच गया। बताया जा रहा है कि दोनों भाइयों के बीच पहले से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था।
दुकान के पास दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर चन्द्रभान सिंह और उसके साथियों ने कोमल सिंह के साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के बाद तीन राउंड फायरिंग का आरोप आरोप है कि मारपीट के बाद आरोपियों ने वहां तीन राउंड फायर किए। अचानक गोलियां चलने से मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
फायरिंग के बाद आरोपी अपने साथियों के साथ बाइक पर बैठकर मौके से फरार हो गए। हालांकि, फायरिंग में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है। घटना के बाद पीड़ित कोमल सिंह ने नदबई थाने पहुंचकर शिकायत दी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस फायरिंग की सूचना मिलने पर सीओ भवानी सिंह शेखावत और थाना प्रभारी अरुण सिंह पुलिस टीम के साथ बरबारा गांव पहुंचे।
पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शिकायत और घटनास्थल से सामने आए तथ्यों के आधार पर फायरिंग और मारपीट की घटना की पड़ताल की जा रही है।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ जनता का संदेश का मत
इस घटना से स्पष्ट है कि छोटी-छोटी झगड़े भी बढ़कर विनाशकारी हो सकते हैं। यदि किसी परिवार में असहमति हो, तो संवाद, मध्यस्थता या कानूनी सलाह से समाधान ढूंढ़ें, न कि हिंसा से। समाज को ऐसे संघर्षों को शांतिपूर्वक सुलझाने के लिए जागरूक करना चाहिए, ताकि हर परिवार में सहिष्णुता और सहानुभूति का विकास हो। पीड़ित के प्रति गहरी संवेदना और उसकी सुरक्षा के लिए समाज को साथ खड़ा होना चाहिए।