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चीन का सीक्रेट पाताल प्लान लीक: स्पेस से दिखा दुनिया का पहला 'मदरशिप', ड्रोन सबमरीन देख अमेरिका अलर्ट

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 18 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
चीन का सीक्रेट पाताल प्लान लीक: स्पेस से दिखा दुनिया का पहला 'मदरशिप', ड्रोन सबमरीन देख अमेरिका अलर्ट

वैश्विक महासागरों में अपना निर्विवाद प्रभुत्व स्थापित करने की होड़ में चीनी जनमुक्ति सेना नौसेना (PLAN) ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसने पश्चिमी रक्षा विशेषज्ञों और पेंटागन की रातों की नींद उड़ा दी है। अंतरिक्ष में तैनात हाई-रिजॉल्यूशन जासूसी उपग्रहों से प्राप्त नई तस्वीरों ने चीन के एक अति-गोपनीय नौसैनिक हथियार प्रणाली की पोल खोल दी है।

शंघाई स्थित हुडोंग-झोंगहुआ शिपयार्ड में चीनी इंजीनियर दुनिया के पहले ऐसे अनूठे और विशालकाय 'मदरशिप' (विशाल वाहक युद्धपोत) का निर्माण कर रहे हैं, जो पानी के भीतर चलने वाली चालक दल रहित रोबोटिक सबमरीन्स (ड्रोन पनडुब्बियों) का एक पूरा बेड़ा अपने साथ ले जाने और गहरे समंदर में उन्हें चुपके से तैनात करने में सक्षम है।

यह युद्धपोत पारंपरिक नौसैनिक युद्ध की पूरी परिभाषा बदलने की क्षमता रखता है, जिससे अमेरिका और उसके प्रशांत सहयोगियों के रणनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है। सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा: शंघाई शिपयार्ड में आकार ले रहा दुनिया का पहला ड्रोन सबमरीन मदरशिप अमेरिकी डिफेंस इंटेलिजेंस और सैटेलाइट इमेजरी फर्म 'वैंटोर' द्वारा जारी किए गए ताजा हवाई विश्लेषण के अनुसार, शंघाई के प्रसिद्ध हुडोंग-झोंगहुआ शिपयार्ड में बन रहा यह विशेष प्लेटफॉर्म पारंपरिक फ्रिगेट, विध्वंसक या विमानवाहक पोतों से पूरी तरह भिन्न है।

ब्रिटिश दैनिक 'द टेलीग्राफ' में प्रकाशित रक्षा रिपोर्टों के अनुसार, इस नए चीनी युद्धपोत के निचले और मध्य ढांचे में एक विशाल आंतरिक हैंगर बनाया गया है, जो पानी के अंदर संचालित होने वाले स्वचालित वाहनों के रखरखाव और लॉन्चिंग के लिए समर्पित है। इसके साथ ही, सैटेलाइट इमेजरी में डेक के पास 12 भारी-भरकम वर्टिकल लिफ्टिंग आर्म्स और क्रेननुमा मैकेनिज्म साफ नजर आ रहे हैं।

यह मैकेनिज्म समुद्र की अशांत लहरों के बीच भी भारी पानी के भीतर के ड्रोन्स को सीधे गहरे पानी में उतारने और ऑपरेशन पूरा होने के बाद वापस जहाज के पेट में खींचने के लिए डिजाइन किया गया है, जो साबित करता है कि यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह से आक्रामक नौसैनिक अभियानों के लिए तैयार किया जा रहा है।

148 फीट लंबी दानवाकार XXLUUV पनडुब्बियां: अमेरिकी ओर्का और ब्रिटिश एक्सकैलिबर से कई गुना बड़ी इस मदरशिप की सबसे खतरनाक विशेषता यह है कि यह एक साथ चार विशालकाय एक्स्ट्रा-लार्ज अनक्रूड अंडरवाटर व्हीकल्स (XXLUUV) को गुप्त रूप से ढोने की क्षमता रखता है। इन सबमरीन ड्रोन्स का पैमाना और इंजीनियरिंग दुनिया के बाकी देशों को पीछे छोड़ती नजर आ रही है।

चीनी नौसेना द्वारा तैयार की जा रही मुख्य स्वचालित ड्रोन सबमरीन की लंबाई लगभग 148 फीट आंकी गई है। रक्षा जानकारों के मुताबिक, यह अमेरिकी नौसेना के सबसे उन्नत 'ओर्का' रोबोटिक सबमरीन कार्यक्रम से आकार में करीब तीन गुना और यूनाइटेड किंगडम के रॉयल नेवी 'एक्सकैलिबर' ड्रोन प्रोजेक्ट से लगभग चार गुना अधिक विशाल है।

बिना किसी मानव दल के संचालित होने वाले ये रोबोटिक दैत्य गहरे समंदर में हजारों समुद्री मील तक पूरी तरह खामोशी से सफर तय करने में सक्षम हैं, जिससे दुश्मन के पारंपरिक सोनार नेटवर्क इन्हें आसानी से पकड़ नहीं पाते। भारी टॉरपीडो और सी-माइंस से लैस: गहरे पाताल से हजारों मील दूर सटीक प्रहार की घातक क्षमता ये विशालकाय ड्रोन सबमरीन्स केवल जासूसी या निगरानी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये घातक पेलोड बे से लैस हैं जिनमें भारी वजन वाले आधुनिक एंटी-शिप और एंटी-सबमरीन टॉरपीडो, स्मार्ट समुद्री बारूदी सुरंगें (सी-माइंस) और क्रूज मिसाइलें लोड की जा सकती हैं।

चालक दल की जैविक सीमाओं से मुक्त होने के कारण ये बिना थके महीनों तक समुद्र की तलहटी में घात लगाकर बैठ सकती हैं। आवश्यकता पड़ने पर यह मदरशिप अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में खड़े होकर इन चारों सबमरीन्स को लॉन्च कर सकता है, जो शत्रु के रडार और पी-8आई पोसाइडन जैसे पनडुब्बी-रोधी टोही विमानों की पकड़ से बचते हुए हजारों किलोमीटर दूर स्थित दुश्मन के एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप्स, महत्वपूर्ण बंदरगाहों और रणनीतिक अंडरसी इंटरनेट केबल्स को तबाह करने की क्षमता रखती हैं।

शिपबिल्डिंग में अमेरिका से आगे निकला चीन: 400 से अधिक युद्धपोतों का विशाल नौसैनिक जत्था इस मदरशिप का निर्माण पश्चिमी रक्षा योजनाकारों की उस पुरानी चिंता को और गहरा करता है, जिसमें पेंटागन बार-बार चीन की अभूतपूर्व युद्धपोत निर्माण क्षमता (शिपबिल्डिंग कैपेसिटी) को रेखांकित करता रहा है।

मौजूदा नौसैनिक आंकड़ों के अनुसार, जहां अमेरिकी नौसेना के पास सक्रिय युद्धपोतों की संख्या लगभग 295 के आसपास सिमटी हुई है, वहीं चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी के पास एक्टिव वॉरशिप्स का बेड़ा 400 का आंकड़ा पार कर चुका है। चीन के वाणिज्यिक और सैन्य शिपयार्ड्स की उत्पादन गति पश्चिमी देशों की तुलना में कई गुना तेज है।

यदि यह ड्रोन सबमरीन मदरशिप सफलतापूर्वक समुद्र में ट्रायल पूरा कर लेता है, तो चीन कम लागत और बिना किसी मानव जीवन के जोखिम के अमेरिकी नौसेना की पारंपरिक सुपरकैरियर श्रेष्ठता को सीधे चुनौती देने में सफल हो जाएगा। ताइवान जलडमरूमध्य और दक्षिण चीन सागर पर फोकस: डोंग जून की पश्चिमी देशों को सख्त चेतावनी अंतरराष्ट्रीय रणनीतिकारों का मानना है कि बीजिंग इस नए हथियार का प्राथमिक इस्तेमाल ताइवान जलडमरूमध्य और विवादित दक्षिण चीन सागर (SCS) में एंटी-एक्सेस/एरिया डिनायल (A2/AD) रणनीति को अभेद्य बनाने के लिए करेगा।

चीन संपूर्ण दक्षिण चीन सागर पर अपना ऐतिहासिक दावा ठोकता है और ताइवान के एकीकरण को अपना मुख्य लक्ष्य मानता है। किसी भी संभावित ताइवान संघर्ष की स्थिति में ये ड्रोन मदरशिप्स अमेरिकी युद्धपोतों को फर्स्ट आइलैंड चेन के भीतर प्रवेश करने से रोकने में अचूक ढाल साबित हो सकते हैं। इसी बीच, बीजिंग में संपन्न हुए शियांगशान सुरक्षा फोरम में चीनी रक्षा मंत्री डोंग जून ने अपने कड़े संबोधन में पश्चिमी शक्तियों को चेतावनी देते हुए सैन्यवाद, गुटबाजी और वर्चस्ववादी नीतियों से दूर रहने को कहा।

विश्लेषकों का मानना है कि चीनी रक्षा मंत्री का यह स्पष्ट संदेश अमेरिका और जापान जैसे सहयोगियों के लिए था, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती समुद्री ताकत को घेरने का प्रयास कर रहे हैं।

📡 स्रोत: NewsData.io

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