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चित्रकूट के आरोग्यधाम में जैविक कीटनाशक और जैव उर्वरक बनाने का प्रशिक्षण आयोजित किया गया

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 11 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
चित्रकूट के आरोग्यधाम में जैविक कीटनाशक और जैव उर्वरक बनाने का प्रशिक्षण आयोजित किया गया

चित्रकूट के आरोग्यधाम में जैविक कीटनाशक और जैव उर्वरक बनाने का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। दीनदयाल शोध संस्थान के इस कार्यक्रम में 26 प्रशिक्षणार्थियों ने हिस्सा लिया। कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह नेगी ने जीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र और ब्रह्मास्त्र बनाने का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के नुकसान से बचने के लिए जैविक विकल्प अपनाना जरूरी है। गोबर, गौमूत्र और नीम की पत्तियों जैसी सामग्री से इन्हें कम लागत में घर पर ही तैयार किया जा सकता है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।