चित्रकूट के आरोग्यधाम में जैविक कीटनाशक और जैव उर्वरक बनाने का प्रशिक्षण आयोजित किया गया
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चित्रकूट के आरोग्यधाम में जैविक कीटनाशक और जैव उर्वरक बनाने का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। दीनदयाल शोध संस्थान के इस कार्यक्रम में 26 प्रशिक्षणार्थियों ने हिस्सा लिया। कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह नेगी ने जीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र और ब्रह्मास्त्र बनाने का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के नुकसान से बचने के लिए जैविक विकल्प अपनाना जरूरी है। गोबर, गौमूत्र और नीम की पत्तियों जैसी सामग्री से इन्हें कम लागत में घर पर ही तैयार किया जा सकता है।