राजनीति

चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस का ‘ब्लैक डे’, शिमला में किया धरना प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 8 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस का ‘ब्लैक डे’, शिमला में किया धरना प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

अक्तूबर 08, शिमला (हिमाचल प्रदेश): चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में कांग्रेस ने आज को देशभर में ‘ब्लैक डे’ मनाया। इसी कड़ी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई।

कांग्रेस कमेटी शिमला शहरी के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने कहा कि 6 अक्तूबर को कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के नेताओं और सांसदों ने जंतर-मंतर पर धरना दिया था, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित पार्टी का शीर्ष नेतृत्व मौजूद था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान चुने हुए सांसदों को अपनी बात रखने का अधिकार नहीं दिया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।

इंद्रजीत सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपने विचार रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। जिस तरह से निर्वाचित सांसदों को वहां से हटाया गया, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था और लोगों की भावनाओं के खिलाफ है। इसी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता पूरे देश में ‘ब्लैक डे’ मना रहे हैं।

पार्टी की मांग है कि ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें। साथ ही, जिन लोगों ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और जनता की भावनाओं को आहत किया है तथा संविधान के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

बाइट: इन्द्रजीत सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष, शिमला शहरी

💡 पृष्ठभूमि (Background)

कांग्रेस ने चुनाव आयोग के कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए शिमला में ‘ब्लैक डे’ मनाया, जहाँ कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए धरना प्रदर्शन किया। यह कदम चुनाव आयोग की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाने का संकेत है, जिससे राजनीतिक माहौल में नई ऊर्जा और विवाद उत्पन्न हो रहा है। यदि चुनाव आयोग पर भरोसा घटता है तो आम जनता को चुनावी प्रक्रियाओं में असमानता और दुरुपयोग का सामना करना पड़ सकता है, जिससे मतदाता विश्वास और लोकतंत्र की स्थिरता पर असर पड़ेगा।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।