राजनीति

चुनाव आयोग की साख पर संकट! राहुल गांधी के तीखे सवाल, महाभियोग लाने की तैयारी में विपक्ष

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026 👁️ 9 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
चुनाव आयोग की साख पर संकट! राहुल गांधी के तीखे सवाल, महाभियोग लाने की तैयारी में विपक्ष

चुनाव आयोग को लेकर जारी एक रिपोर्ट के बाद देश की राजनीति गरमाई हुई है.

इसमें दावा किया गया है कि दो चुनाव आयुक्त ने कहा है कि कई फैसले उनकी जानकारी के बिना लिए गए.

ऐसे ये सिर्फ सवाल नहीं रह जाता, बल्कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता का सवाल बन जाता है.

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 24 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐसे ही सवालों की बौछार कर दी.

उन्होंने चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार से लेकर मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को वोट चोरी का सबूत बताया.

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन तैयार करके मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मोदी सरकार पर हमले किये.

उन्होंने कहा कि पहले वोट चोरी हुई, फिर कानून चोरी हुई और फिर संस्था चोरी हुई. राहुल गांधी ने आरोप लगाया, 'चुनाव आयोग ने भारत देश के खिलाफ काम किया है. चुनाव आयोग ने भारत के संविधान पर हमला किया है.

चुनाव आयोग ने देशद्रोह किया है.' उन्होंने कहा कि देश एक ऐसी स्थिति में पहुंच गया है, जिसका सामना भारतीय इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ.

राहुल गांधी ने मोदी सरकार और CEC ज्ञानेश कुमार को डिस्ट्रॉयर ऑफ डेमोक्रेसी बता दिया.

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत ही इस सवाल से की थी कि बीजेपी के खिलाफ एंटी-इंकंबेंसी क्यों नहीं होती?

चुनाव आयोग ने देशद्रोह किया: राहुल गांधी

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ये कहना चाह रहे थे कि बीजेपी जो भी चुनाव जीतती है, वो चुनाव आयोग के दम पर जीतती है.

उनका आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जो कुछ करते हैं, वो मोदी सरकार से पूछकर करते हैं, मोदी सरकार के कहने पर करते हैं, राहुल गांधी ने कहा, 'वोट चोरी भारत की जनता के खिलाफ अपराध है. यह संविधान पर सीधा हमला है.

चुनाव आयोग ने देशद्रोह किया है. ज्ञानेश कुमार को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए.'

राहुल गांधी ने किस कानून का किया था जिक्र?

राहुल गांधी यहीं नहीं रुके.

उन्होंने दावा कर दिया

📡 स्रोत: ABP Live

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

चुनाव आयोग की साख पर संकट के विषय में यह खबर है, जिसमें रिपोर्ट में दो आयुक्तों के कथन सामने आए कि कई निर्णय उनकी जानकारी के बिना लिए गए। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि चुनाव आयोग का स्वतंत्र और पारदर्शी कार्य लोकतंत्र का आधार है, और इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठने से चुनावी प्रक्रिया की वैधता प्रभावित हो सकती है। आम जनता पर इसका असर गहरा हो सकता है, क्योंकि यदि आयोग पर भरोसा घटता है तो मतदाता अपनी मतदान शक्ति पर संदेह कर सकते हैं, जिससे चुनावी भागीदारी और लोकतांत्रिक विश्वास पर असर पड़ेगा।

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