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चुनाव आयोग बोला- SIR का फॉर्म 6 नहीं बदला:सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा- फैसले सबकी सहमति से लिए; सुनवाई कल

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 26 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
चुनाव आयोग बोला- SIR का फॉर्म 6 नहीं बदला:सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा- फैसले सबकी सहमति से लिए; सुनवाई कल

SIR पर एक महीने से जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने कहा कि हमने SIR के फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया। नियमों के अनुसार इस पर बदलाव का अधिकार केंद्र के पास है। चुनाव आयोग ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में काउंटर एफिडेविट दाखिल किया। आयोग ने कहा कि SIR पर सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

फैसलों पर CEC ज्ञानेश कुमार, कमिश्नर सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी तीनों की सहमति थी। कोर्ट में दाखिल एफिडेविट पर भी तीनों के दस्तखत हैं। यह हलफनामा उस याचिका के जवाब में फाइल किया गया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने ECI, CEC और दूसरे अधिकारियों को नोटिस दिया था। विवाद तब शुरू हुआ जब पिछले महीने 'इंडियन एक्सप्रेस' ने रिपोर्ट दी कि दो चुनाव आयुक्तों ने SIR के फॉर्म 6 बदलावों पर आपत्ति जताई थी।

इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। SIR से जुड़ी राहुल गांधी समेत 13 विपक्षी नेताओं की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 27 अक्टूबर को सुनवाई होगी। फॉर्म-6 में बदलाव का अधिकार सरकार के पास आयोग का कहना है कि 'मतदाता पंजीकरण नियम, 1960' के तहत निर्धारित फॉर्म में केवल सरकार ही बदलाव कर सकती है।

आयोग ने साफ किया कि SIR के दौरान मांगा गया डिक्लेरेशन एक अलग दस्तावेज है और इसे फॉर्म 6 में किया गया संशोधन नहीं माना जा सकता। यह विवाद तब शुरू हुआ जब 'इंडियन एक्सप्रेस' ने रिपोर्ट दी कि दो चुनाव आयुक्तों ने उन बदलावों पर आपत्ति जताई थी, जिनके तहत आवेदकों को खुद को, अपने माता-पिता या दादा-दादी/नाना-नानी को पिछली SIR से जोड़ने वाले डिटेल देने के लिए कहा गया था।

ECI ने माना कि ऑनलाइन आवेदन प्लेटफॉर्म पर जिस तरह से इसे दिखाया गया था, उससे ऐसा लग सकता था कि फॉर्म 6 में बदलाव किया गया है। आयोग ने कहा कि याचिका एक रिपोर्ट पर आधारित है, और कानून की नजर में अखबार की रिपोर्ट को सबूत नहीं माना जाता है। इसलिए CEC को काम करने से नहीं रोका जा सकता। आयोग ने कहा कि याचिकाकर्ता ने उसमें किए गए दावों की संबंधित अधिकारियों से स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की, इसलिए याचिका सुनवाई के योग्य नहीं है।

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📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में SIR के फॉर्म 6 के बदले न होने का तर्क दिया। यह विषय चुनावी प्रक्रियाओं और कानूनी नियमों के बीच विवाद पर केन्द्रित है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि चुनाव आयोग ने निर्णय लेने में सर्वसम्मति बनाए रखी है, जिससे चुनावी नियमों की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि चुनावी दस्तावेजों में बदलाव की वैधता पर भरोसा बढ़ेगा, और चुनावी प्रक्रिया में कानूनी जाँच-परख मजबूत होगी।

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