CJP-BJP में ‘दिमागी नक्सल’ पोस्ट पर विवाद:सौरव दास ने पोस्ट डिलीट किया; कहा- AI से बनाई गई; गौरव भाटिया ने माफी मांगी
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CJP प्रवक्ता सौरव दास और BJP प्रवक्ता गौरव भाटिया के बीच शुक्रवार को X पर बहस हो गई। विवाद उस पोस्ट को लेकर हुआ, जिसमें दावा किया गया था कि भाटिया ने स्वतंत्र भारद्वाज को ‘दिमागी नक्सल’ कहा है। दास ने यह पोस्ट शेयर की थी। भाटिया ने इसे फर्जी बताते हुए दास को 24 घंटे के अंदर पोस्ट डिलीट करने और बिना शर्त माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया।
दास ने बाद में पोस्ट डिलीट कर दी और कहा कि यह AI से बनाई गई थी। हालांकि, दास ने BJP नेताओं को यही लाइन दोहराने की चुनौती दी। उन्होंने भाटिया से सीधे पूछा कि क्या वे इस बयान से असहमत हैं। यह विवाद स्वतंत्र भारद्वाज की उन टिप्पणियों के बाद शुरू हुआ, जिनमें उन्होंने CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार की खोपड़ी तोड़ने का दावा किया था।
फर्जी पोस्ट को लेकर शुरू हुआ विवाद दास ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर की थी। इसमें कथित तौर पर भाटिया के हवाले से लिखा था, “स्वतंत्र भारद्वाज नाम का व्यक्ति ‘दिमागी नक्सल’ है। उसके अंदर जातिवाद का जहर है। BJP का इस व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है।” दास ने अब डिलीट की जा चुकी पोस्ट पर लिखा था, “नो कमेंट्स अगेन।” इसके बाद भाटिया ने X पर इन टिप्पणियों से इनकार किया और पोस्ट को फर्जी बताया।
उन्होंने दास से कहा, “आपके पास पोस्ट डिलीट करने और बिना शर्त माफी मांगने के लिए 24 घंटे हैं।” दास ने बाद में सफाई दी कि यह पोस्ट AI से बनाई गई थी। इसके साथ ही उन्होंने BJP को चुनौती दी कि वह “इस लाइन को दोहराए।” दास ने कहा, “ऐसा करने में समस्या क्यों होनी चाहिए?
सहयोगी चिराग पासवान ने भी इस गुंडे से खुद को अलग कर लिया है और FIR दर्ज कराई है।” दास ने आगे पूछा, “BJP में कोई कुछ क्यों नहीं कह रहा?
क्या वे गुंडों का समर्थन कर रहे हैं?” उन्होंने भाटिया को सीधे जवाब देते हुए लिखा, “मैंने पहले ही सफाई दे दी है। अब बताइए कि क्या आप इस बयान से असहमत हैं।” स्वतंत्र भारद्वाज पर क्या मामला है यह मामला दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर कथित हमले से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार की किसी के साथ झड़प हुई थी। CJP का आरोप है कि स्वतंत्र भारद्वाज और अन्य लोगों ने संजय कुमार पर हमला किया। भारद्वाज ने खुद दावा किया था कि उन्होंने आजाद के पिता की “खोपड़ी तोड
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar