CJP कार्यकर्ता ने घर पर पत्थर फेंकने का आरोप लगाया:जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में पिता से मारपीट का दावा किया था, आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →कॉकरोच जनता पार्टी कार्यकर्ता नीशू आजाद ने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके घर को घेर रहे हैं और घर पर पत्थर और ईंटें फेंकी गईं। नीशू ने इसको लेकर शनिवार रात को सोशल मीडिया में वीडियो जारी किया। उन्होंने दिल्ली और गाजियाबाद पुलिस से अपने माता-पिता और परिवार की सुरक्षा की मांग की। एक वीडियो में उन्होंने कहा, “अगर मेरे माता-पिता को कुछ हो गया तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?” दरअसल, जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान उनके पिता संजय आजाद से मारपीट के मामले में कंटेंट क्रिएटर स्वातंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी शनिवार को हो चुकी है।
NSUI अध्यक्ष घर पहुंचे, पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए वीडियो सामने आने के बाद NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ शनिवार को संजय आजाद के घर पहुंचे और उनके परिवार से मुलाकात की। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्वातंत्र भारद्वाज ने खुद संजय आजाद पर हमला करने की बात कही थी, इसके बावजूद पहले कार्रवाई नहीं हुई।
जाखड़ ने दावा किया कि राहुल गांधी के मामला उठाने के बाद पुलिस सक्रिय हुई। नीशू पर हिंदू देवी-देवताओं के अपमान का आरोप नीशू और उसके पिता के खिलाफ दो वकीलों ने पुलिस में शिकायत दी है। आरोप है कि दोनों ने सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक बातें कीं। वकील अमिता सचदेवा ने कहा कि एक्टिविस्ट के पुराने X पोस्ट में देवी दुर्गा के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया गया और देवी सरस्वती का मजाक उड़ाया गया।
एक्टिविस्ट ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि “मेरे पिता को जेल भेजने की गैरकानूनी मांग की जा रही है।” वहीं, वकील प्रतीक झा ने जंतर-मंतर पर पुलिस की कार्रवाई में भेदभाव का आरोप लगाते हुए अलग शिकायत दी है। स्वतंत्र भारद्वाज-नीशू आजाद केस- पिछले 2 दिनों का घटनाक्रम
स्वातंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो वायरल हुआ। उसमें उसने कथित तौर पर कहा कि उसने निशू के पिता की “खोपड़ी फोड़ दी” और दावा किया कि इसके बावजूद उसे जेल नहीं हुई। उसने राजनीतिक संपर्कों का भी जिक्र किया। इसी वीडियो के बाद पुराना मामला दोबारा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया। 4 सितंबर: नीशू आजाद और उनके पिता के समर्थन में CJP नेताओं और समर्थकों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। नीशू की ओर से वकील ऋषव रंजन ने पुलिस से हत्या के प्रय
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता नीशू आजाद के घर पर पत्थर फेंकने के आरोप से जुड़ी है, जिसे जंतर‑मंतर प्रोटेस्ट में पिता से मारपीट के दावे के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया। यह घटना राजनीतिक विरोध और नागरिक सुरक्षा के बीच तनाव को उजागर करती है। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि राजनीतिक प्रदर्शन के दौरान भी नागरिकों की व्यक्तिगत सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है, और पुलिस की प्रतिक्रिया पर सवाल उठते हैं। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि लोग सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेते समय अप
🎙️ जनता का संदेश का मत
हिंसा कभी भी समाधान नहीं होती; जब असहमति हो तो संवाद और कानूनी रास्ते अपनाने चाहिए। घर पर पत्थर फेंकने से न सिर्फ शारीरिक नुकसान होता है, बल्कि समाज का विश्वास भी टूटता है। हमें एक-दूसरे की सुरक्षा और गरिमा का सम्मान करना चाहिए, ताकि परिवारों की शांति बनी रहे। सहानुभूति और संयम से संघर्षों का समाधान करके हम एक सशक्त, शांतिपूर्ण समाज का निर्माण कर सकते हैं।