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CM विजय का AI वीडियो बनाकर ठगी की कोशिश:लोगों से वॉट्सएप पर जुड़ने को कहा, पाकिस्तान से जुड़े फेसबुक अकाउंट भी मिले; FIR दर्ज

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 5 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
CM विजय का AI वीडियो बनाकर ठगी की कोशिश:लोगों से वॉट्सएप पर जुड़ने को कहा, पाकिस्तान से जुड़े फेसबुक अकाउंट भी मिले; FIR दर्ज

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी.

जोसेफ विजय के AI डीपफेक वीडियो से लोगों को ठगने की कोशिश का मामला सामने आया है। तमिलनाडु पुलिस की CB-CID ने 1 सितंबर को केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वीडियो में विजय जैसे दिखने वाला शख्स हिंदी में लोगों से बात करते हुए आर्थिक मदद के लिए एक वॉट्सऐप नंबर पर संपर्क करने को कह रहा था।

इस फर्जी वीडियो को फेसबुक समेत कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलाकर लोगों को ठगने की कोशिश की गई। जांच में कुछ फर्जी वीडियो और सोशल मीडिया अकाउंट्स के पाकिस्तान से संचालित होने की आशंका सामने आई है। जांच में एक नहीं, कई डीपफेक वीडियो मिले CB-CID की शुरुआती जांच में विजय के नाम पर आर्थिक मदद का दावा करने वाले कई AI डीपफेक वीडियो मिले हैं।

ये अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किए जा रहे थे। जांच के लिए CB-CID ने फेसबुक की पेरेंट कंपनी Meta से संपर्क किया है। पुलिस ने फर्जी अकाउंट्स और वीडियो अपलोड से जुड़े लॉग की जानकारी मांगी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो किसने बनाया, किसने अपलोड किया और इसे फैलाने के लिए किन अकाउंट्स और नंबरों का इस्तेमाल हुआ।

पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से इन वीडियो को हटाने और उनका प्रसार रोकने को कहा है। साइबर टीम आरोपियों की पहचान में जुटी है। पुलिस की अपील- नंबरों पर संपर्क न करें तमिलनाडु पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे वीडियो में दिए फोन नंबरों पर संपर्क न करें और न ही बताए गए WhatsApp ग्रुप में जुड़ें।

पुलिस ने साफ किया कि मुख्यमंत्री की आर्थिक मदद का दावा करने वाले ये वीडियो फर्जी AI डीपफेक हैं। लोगों से इन्हें नजरअंदाज करने और परिवार-रिश्तेदारों को भी सावधान करने की अपील की गई है। जानें, कैसे बनाए जाते हैं डीपफेक वीडियो आज के डिजिटल दौर में कई बार गलत खबरें और भ्रामक जानकारियां इंटरनेट की मदद से लोगों तक पहुंचाई जा रही हैं।

ऐसे ही वीडियो भी पहुंचाए जाते हैं। इसे डीपफेक कहते हैं। इसमें असली और नकली की पहचान बेहद मुश्किल होती है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक (AI) और मशीन लर्निंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है। इनका उपयोग करके मीडिया फाइल जैसे फोटो, ऑडियो और वीडियो की परिवर्तित कॉपी तैयार की जाती है, जो वास्तविक फाइल की तरह ही दिखती है।

सरल भाषा में कहें तो डीपफेक, मॉर्फ वीडियो का ही एडवांस रूप ह

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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