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डबरा ब्रेकिंग// डबरा सिविल अस्पताल में हंगामा: ओपीडी पंजीयन केंद्र के स्टाफ से अभद्रता,गाली-गलौज का आरोप

लेखक: Neeraj Verma अंतिम अपडेट: 20 सितंबर 2026 👁️ 3 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
डबरा ब्रेकिंग// डबरा सिविल अस्पताल में हंगामा: ओपीडी पंजीयन केंद्र के स्टाफ से अभद्रता,गाली-गलौज का आरोप

डबरा। सिविल अस्पताल डबरा के ओपीडी पंजीयन केंद्र में ड्यूटी पर तैनात स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट का मामला सामने आया है। अस्पताल प्रबंधन ने मामले को लेकर थाना डबरा सिटी में लिखित शिकायत भेजकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी, सिविल अस्पताल डबरा द्वारा 19 सितंबर 2026 को थाना प्रभारी डबरा सिटी को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि दोपहर करीब 12:20 बजे मनोज जाटव नामक व्यक्ति ओपीडी पंजीयन केंद्र पहुंचा और ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ के साथ ऊंची आवाज में बात करने, अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट करने की शिकायत सामने आई है।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, पंजीयन केंद्र में ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने घटना को लेकर मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी को आवेदन दिया। इसके बाद स्टाफ के आवेदन की मूल प्रति थाना डबरा सिटी को भेजते हुए मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्राचार किया गया है।

मामले की जानकारी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डबरा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ग्वालियर तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस डबरा को भी दी गई है।

शासकीय कार्य में बाधा का भी उल्लेख अस्पताल प्रबंधन के पत्र के विषय में घटना को शासकीय कार्य में बाधा से संबंधित बताया गया है। हालांकि, घटना के संबंध में पुलिस की ओर से प्राथमिकी दर्ज किए जाने अथवा आगे की कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

अब देखना होगा कि पुलिस शिकायत और अस्पताल स्टाफ के आवेदन के आधार पर मामले में क्या कार्रवाई करती है।

नोट: मारपीट और अभद्र व्यवहार के आरोप शिकायत/अस्पताल के पत्र में दर्ज हैं; इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

डबरा सिविल अस्पताल के ओपीडी पंजीयन केंद्र में स्टाफ के प्रति अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट के आरोप सामने आए हैं। यह घटना अस्पताल के प्रबंधन द्वारा थाना डबरा सिटी में लिखित शिकायत के रूप में दर्ज की गई है, जिससे अस्पताल के भीतर अनुशासन और रोगी सेवा पर सवाल उठ रहे हैं। इस खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि यह स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों के व्यवहार और रोगियों के अधिकारों को लेकर सार्वजनिक विश्वास पर असर डाल सकती है। यदि इस पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो रोगियों को अस्पताल सेवाओं में असुरक्षा

🎙️ जनता का संदेश का मत

सभी को याद दिलाना चाहेंगे कि अस्पताल जैसे शालीन स्थानों में शिष्टाचार और सहानुभूति का पालन अनिवार्य है। जब किसी की असभ्य बातों या हिंसा से सामना हो, तो शांत मन से शिकायत दर्ज कराना और कानूनी मार्ग अपनाना सबसे सही कदम है। इससे न केवल अपराधी को जवाबदेह ठहराया जाता है, बल्कि पीड़ित को भी न्याय और सम्मान मिलता है। समाज की प्रगति तभी संभव है जब हम एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहिष्णुता की संस्कृति अपनाएँ।

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Neeraj Verma

नीरज वर्मा मुरैना के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो जनता का संदेश के लिए मुरैना की राजनीति से लेकर सामाजिक समस्याओं को कवर करते हैं।