दमोह: 1 नवंबर से मोबाइल स्क्रीन पर दिख सकता है कॉल करने वाले का नाम, फर्जी कॉल की पहचान में मिलेगी मदद
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सीएनएपी सुविधा के जरिए कॉल करने वाले की पहचान बताने की तैयारी, मोबाइल में अलग से ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी
दमोह, अक्टूबर 26: देशभर में फर्जी कॉल और साइबर ठगी की बढ़ती घटनाओं के बीच मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए एक नई सुविधा शुरू होने जा रही है। दूरसंचार विभाग के निर्देश के अनुसार, 1 नवंबर 2026 से कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (सीएनएपी) सुविधा लागू की जाएगी। इसके तहत मोबाइल पर आने वाली कॉल के दौरान नंबर के साथ कॉल करने वाले का पंजीकृत नाम भी दिखाई दे सकेगा।
इस सुविधा के लिए मोबाइल में अलग से कोई ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी। यह सुविधा 4जी और उससे आगे की तकनीक वाले नेटवर्क पर शुरू की जाएगी। 2जी, 3जी नेटवर्क और लैंडलाइन पर इसे लागू करने के संबंध में अलग से विचार किया जाएगा।
सीएनएपी सुविधा से अनजान नंबरों से आने वाली कॉल की पहचान करने में मदद मिल सकती है। इससे उपभोक्ताओं को कॉल का जवाब देने से पहले कॉल करने वाले की पहचान जानने का एक अतिरिक्त माध्यम मिलेगा। हालांकि, केवल नाम दिखाई देने से किसी कॉल के सुरक्षित होने की गारंटी नहीं होगी। साइबर ठगी से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहने और किसी के साथ ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी या गोपनीय विवरण साझा नहीं करने की जरूरत है।
दमोह में इस नई सुविधा को लेकर चिकित्सक, व्यवसायी, क्रिकेट खिलाड़ी, शिक्षक, सिम विक्रेता, अधिवक्ता, पुलिस अधिकारी और जनप्रतिनिधि सहित विभिन्न वर्गों के लोगों की प्रतिक्रियाएं ली गईं।
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बाइट क्रम:
- डॉ. दिवाकर पटेल, चिकित्सक, जिला अस्पताल दमोह
- राहुल जैन, व्यवसायी, दमोह
- रोहित अठया, क्रिकेट खिलाड़ी, दमोह
- राकेश प्रजापति, शिक्षक, दमोह
- राजा खान, सिम विक्रेता, दमोह
- अमित पांडे, अधिवक्ता, दमोह
- सुजीत भदौरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, दमोह
- राहुल सिंह, सांसद, दमोह