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दिल्ली-NCR में दीवाली पर फोड़ सकेंगे ग्रीन पटाखे, SC ने दी अनुमति

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
दिल्ली-NCR में दीवाली पर फोड़ सकेंगे ग्रीन पटाखे, SC ने दी अनुमति

02 नवंबर, नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली NCR में ग्रीन क्रैकर्स चलाने की अनुमति दे दी है। कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, 7 और 8 नवंबर 2026 को ही ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति होगी। इसके लिए भी समय सीमा तय की गई है। सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और रात 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे जलाए जा सकेंगे।

9 नवंबर से पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध दोबारा लागू हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक और जिला स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों और शिक्षण संस्थानों के 300 मीटर के दायरे में पटाखे जलाने पर पूरी तरह रोक लगाई है। इन क्षेत्रों को नो-क्रैकर जोन के रूप में चिह्नित किया जाएगा।

ग्रीन पटाखों के निर्माण-बिक्री को लेकर सख्त शर्तेंवहीं, ग्रीन पटाखों के निर्माण और बिक्री को लेकर भी सख्त शर्तें रखी गई हैं। केवल CSIR-NEERI और PESO से वैध प्रमाणन प्राप्त निर्माता ही 2 से 6 नवंबर के बीच स्वीकृत ग्रीन पटाखों का निर्माण कर सकेंगे। हर पटाखे के डिब्बे पर विशेष QR कोड लगाना अनिवार्य होगा।

इस QR कोड के जरिए निर्माता, पंजीकरण, लाइसेंस और उत्पाद के प्रमाणन की जानकारी मिल सकेगी।

बेरियम युक्त पटाखों के निर्माण-बिक्री पर रोकवहीं, पटाखों की लड़ियां और बेरियम युक्त पटाखों के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी। पटाखों के डिब्बे भी पूरी तरह सीलबंद रखने होंगे, ताकि उनमें दूसरे पटाखों की मिलावट न हो सके। दिल्ली-NCR की सीमाओं पर वाहनों की जांच की जाएगी, ताकि बाहर से अवैध और सामान्य पटाखों की आपूर्ति रोकी जा सके।

नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माताओं और कारोबारियों की सुरक्षा जमा राशि जब्त की जाएगी। वहीं, पुलिस और जिला प्रशासन की विशेष पेट्रोलिंग टीमें तैनात की जाएंगी। ये टीमें बिक्री केंद्रों पर निगरानी रखेंगी और पटाखों के QR कोड की जांच करेंगी। अवैध पटाखे मिलने पर उन्हें तत्काल जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पोस्ट-दीवाली के दौरान AQI की निगरानी दिल्ली मेट्रो को अपने ऑडियो सिस्टम के जरिए लोगों को पटाखों से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान के बारे में जागरूक करने का निर्देश दिया गया है। प्रदूषण की स्थिति पर नजर रखने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को भी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

2 से 6 नवंबर तक प्री-दीवाली, 7 और 8 नवंबर को दीवाली और 9 से 30 नवंबर तक पोस्ट-दीवाली के दौरान AQI की निगरानी की जाएगी। इस दौरान रेत और पानी के नमूने भी एकत्र किए जाएंगे। त्योहार के बाद प्रशासन को कचरे की सफाई और प्रदूषण प्रभावित इलाकों में पानी का छिड़काव सुनिश्चित करना होगा। 14 दिसंबर तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR प्रशासन को 14 दिसंबर 2026 तक अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।

इसमें पटाखों की बिक्री के लिए निर्धारित स्थानों, सुरक्षा जमा, पुलिस की कार्रवाई, AQI रिपोर्ट और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के डेटा की जानकारी शामिल होनी चाहिए, ताकि प्रदूषण के कारण मरीजों की संख्या में होने वाली वृद्धि को ट्रैक किया जा सके।। मामले में अगली सुनवाई 16 दिसंबर 2026 को होगी।

फाइल फोटो

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।