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दिल्ली-विंटर एक्शन प्लान के पहले दिन ₹68.4 लाख का जुर्माना:1,500 से ज्यादा गाड़ियां बॉर्डर से लौटाईं; 1 नवंबर से नए नियम लागू हुए

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 2 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
दिल्ली-विंटर एक्शन प्लान के पहले दिन ₹68.4 लाख का जुर्माना:1,500 से ज्यादा गाड़ियां बॉर्डर से लौटाईं; 1 नवंबर से नए नियम लागू हुए

दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए 1 नवंबर से विंटर एक्शन प्लान लागू किया गया है। इसके पहले दिन रविवार शाम 5 बजे तक नियम तोड़ने वालों पर कुल 68.4 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। इस प्लान के तहत बाहर से आने वाले प्री-BS-VI वाहनों की एंट्री पर रोक है। रविवार को 14,930 गाड़ियों की जांच की गई।

इनमें से 1,539 गाड़ियों को दिल्ली बॉर्डर से वापस भेजा गया। वहीं, 62 गाड़ियां जब्त की गईं। इस कार्रवाई में 127 चालान काटकर 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। प्रदूषण जांच का वैध सर्टिफिकेट (PUCC) नहीं होने पर 566 वाहनों के चालान काटे गए और 56.6 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। कंस्ट्रक्शन साइट पर नियम तोड़ने के मामले में 9.8 लाख रुपए का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया।

300 कंस्ट्रक्शन साइट्स की जांच, 32 पर एक्शन प्रशासन ने कंस्ट्रक्शन और तोड़फोड़ वाली जगहों पर धूल रोकने के नियमों की जांच की। कुल 300 साइट्स का निरीक्षण किया गया। इनमें 32 जगहों पर नियमों का उल्लंघन मिला, जिसके लिए 9.8 लाख रुपए का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया। कुल 17 बंदी आदेश और 19 नोटिस जारी किए गए।

हालांकि, जरूरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में धूल रोकने के नियमों का उल्लंघन नहीं मिला। इसके अलावा दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 493 चालान काटकर 49.3 लाख रुपए और परिवहन विभाग ने 73 चालान काटकर 7.3 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। 28 फरवरी तक लागू रहेंगे कई प्रतिबंध दिल्ली में 1 नवंबर से प्रदूषण रोकने के लिए विंटर एक्शन प्लान लागू है।

इसके तहत बाहर रजिस्टर्ड BS-VI से कम मानक वाली गाड़ियों की एंट्री पर 31 जनवरी तक रोक रहेगी। धूल फैलाने वाले निर्माण कार्यों पर भी पाबंदी है। 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और तोड़फोड़ के सभी काम बंद रहेंगे। जरूरी परियोजनाओं को छूट मिलेगी। 28 फरवरी तक अधिकृत पार्किंग में शुल्क दोगुना रहेगा।

सरकारी और निजी दफ्तरों में 31 जनवरी तक अधिकतम 50% कर्मचारी ही ऑफिस आएंगे, बाकी घर से काम करेंगे। जरूरी सेवाओं को छूट दी गई है। पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने लोगों से प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र (PUCC) बनवाने और नियमों का पालन करने की अपील की। क्या है GRAP, कब लागू हुआ था?

GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान। इसे जनवरी 2017 में लागू किया गया था। इसका मकसद दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता खराब होने पर प्रदूषण के स्तर के हिसाब

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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