देश आज मना रहा शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 119वीं जयंती
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रायपुर, 28 सितंबर 2026
देश आज शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 119वीं जयंती मना रहा है। भगत सिंह का जन्म वर्ष 1907 में आज ही के दिन पंजाब के तत्कालीन लायलपुर जिले के बंगा गांव में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है।
जिनके अदम्य साहस और मात्र 23 वर्ष की आयु में दिए गए सर्वोच्च बलिदान ने उन्हें भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के सबसे प्रभावशाली प्रतीकों में से एक बना दिया। उन्हें बड़े सम्मान से“शहीद-ए-आजम” कहा जाता है। 23 मार्च 1931 को हुई उनकी शहादत ने पूरे देश में देशभक्ति की एक अभूतपूर्व लहर पैदा कर दी थी।
भगत सिंह न केवल एक साहसी क्रांतिकारी थे, बल्कि एक गहरे विचारक और बुद्धिजीवी भी थे। वे समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और शोषण मुक्त समाज के प्रबल समर्थक थे।
उन्होंने “इंकलाब जिंदाबाद” के नारे को जन-जन तक पहुंचाया, जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम का सबसे बड़ा उद्घोष बन गया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। सोशल मीडिया पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा कि भगत सिंह ने अदम्य साहस और वीरता के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में नई ऊर्जा का संचार किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र के सम्मान के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने की भगत सिंह की भावना, भारत के युवाओं के साहस और संकल्प का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए एक वीडियो भी साझा किया है।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर भगत सिंह की 119वीं जन्मजयंती के अवसर पर है, जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख नेता थे। यह विषय उनके साहस और बलिदान को याद करते हुए आज के युवाओं को प्रेरित करने का है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राष्ट्रीय इतिहास और वीरता के मूल्यों को पुनः उजागर करती है, जिससे लोगों में देशभक्ति और ऐतिहासिक जागरूकता बढ़ती है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि वे अपने इतिहास के प्रति अधिक गर्व महसूस करें, और युवा वर्ग में स्वतंत्रता संग्राम की शिक्षाओं को अपनाने की प्रेरणा मिले।