डेटा लेबलिंग और एआई में बलरामपुर ने रचा इतिहास
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बलरामपुर-रामानुजगंज, 1 अक्टूबर 2026
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में प्रदेश का पहला कॉग्निटिव डेटा एनोटेशन सेंटर स्थापित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं और स्व-सहायता समूह की महिलाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। सेंटर की स्थापना के लिए जिला प्रशासन और एआई कंपनी के बीच समझौता हुआ है। पायलट चरण में 10 सीटों का सेंटर शुरू होगा, जहां एआई और डेटा लेबलिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रिज्मा एआई के साथ हुआ एमओयू
कलेक्ट्रेट कक्ष में जिला प्रशासन बलरामपुर-रामानुजगंज और प्रिज्मा एआई के बीच इस सेंटर की स्थापना के लिए एक गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ आशुतोष चतुर्वेदी, प्रिज्मा एआई के सीईओ डॉ. श्रीराम अय्यर, सीओओ अमिताभ राय चौधरी, सीटीओ विनीत कुमार झा और स्व-सहायता समूह की सदस्य सपना ,अनुजा प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।
पायलट चरण की मुख्य विशेषताएं
पायलट चरण के तहत बलरामपुर में 10 सीटों का सेंटर शुरू होगा, जिसमें एक समर्पित प्रशिक्षक और गुणवत्ता पर्यवेक्षक तैनात रहेंगे। चयनित प्रतिभागियों को एआई साक्षरता, डिजिटल कौशल, डेटा लेबलिंग, इमेज एवं ऑब्जेक्ट टैगिंग, वर्गीकरण, सत्यापन और गुणवत्ता समीक्षा का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। अभ्यर्थियों की पहचान, छंटनी और चयन एक संरचित प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।
डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़ेंगी लखपति दीदी
कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज चंदन त्रिपाठी ने बताया कि जिले में 12वीं उत्तीर्ण और स्नातक सदस्यों वाले स्व-सहायता समूहों का बड़ा दायरा है जो स्मार्टफोन और कंप्यूटर चलाने में दक्ष हैं। यह केंद्र पारंपरिक आजीविका से जुड़ी दीदियों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़कर स्थानीय स्तर पर ही सम्मानजनक और नियमित आय दिलाएगा, जिससे लखपति दीदी के लक्ष्य को गति मिलेगी।