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देवघर के बालानंद ब्रह्मचारी आश्रम में अनूठी परंपरा के साथ दुर्गा पूजा शुरू

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 11 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
देवघर के बालानंद ब्रह्मचारी आश्रम में अनूठी परंपरा के साथ दुर्गा पूजा शुरू

देवघर के बालानंद ब्रह्मचारी आश्रम में अनूठी परंपरा के साथ दुर्गा पूजा शुरू, मंत्रोच्चार से परिसर गूंजायमान, पहली पूजा में एक कन्या की पूजा से शुरू होकर महानवमी तक कुल 51 कुमारी कन्याओं की होती है पूजा, विधि-विधान से कलश स्थापना।

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11 अक्टूबर, देवघर: देवघर में कलश स्थापना के साथ नवरात्र की शुरुआत हो चुकी है। श्री बालानंद ब्रह्मचारी आश्रम में सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार मां शैलपुत्री की पूजा के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई। वहीं पूरा परिसर पुरोहितों के मंत्रोच्चार से गूंजायमान है, वे एक साथ मिलकर दुर्गा सप्तशती का पाठ कर रहे हैं।

पूजा से पहले विशेष धार्मिक अनुष्ठान के तहत पुरोहितों को वस्त्र दान किया गया। इसके बाद शास्त्रीय विधि-विधान से कुमारी पूजन हुआ। यहां पहली पूजा में एक कन्या की पूजा से शुरू होकर महानवमी तक कुल 51 कुमारी कन्याओं की पूजा की जाती है। पहली पूजा के दिन कुमारी कन्या गाजे-बाजे के साथ हाथ में कलश लेकर मां की वेदी की परिक्रमा करती हैं, जिसके बाद कलश स्थापना की जाती है।

आश्रम की यह अनूठी धार्मिक परंपरा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

बाइट: अनुज कुमार दुबे, पंडित, बालानंद आश्रम

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।