देवघर के सिमरा में दुर्गा पूजा के अवसर पर 251 वर्षों से निकाली जा रही दौला यात्रा
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देवघर के सिमरा में 251 वर्षों से हो रही मां दुर्गा की आराधना, महासप्तमी पर निकाली जाती है पारंपरिक दौला यात्रा, अजय नदी में नवपत्रिका स्नान के बाद पूजा-अर्चना की परंपरा, सदियों पुरानी परंपरा और आस्था का दिखा अनूठा संगम।
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देवघर के सिमरा में 251 वर्षों से हो रही मां दुर्गा की आराधना
महासप्तमी पर निकाली जाती है पारंपरिक दौला यात्रा
अजय नदी में नवपत्रिका स्नान के बाद पूजा-अर्चना की परंपरा
सदियों पुरानी परंपरा और आस्था का दिखा अनूठा संगम
एंकर देवघर के सिमरा गांव में मां दुर्गा की ऐतिहासिक पूजा इस वर्ष 251वें वर्ष में प्रवेश कर गई है। महा सप्तमी के अवसर पर यहां सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार दौला यात्रा निकाली गई। इसके बाद नवपत्रिका को अजय नदी ले जाकर विधि-विधान से स्नान कराया गया। स्नान के बाद नवपत्रिका को मंदिर लाया गया, जहां पूजा-अर्चना के साथ मां दुर्गा को नए वस्त्र धारण कराए गए।
होल्ड अप साउंड रिपोर्ट
वीओ-1 देवघर के सिमरा गांव में दुर्गा पूजा की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। महा सप्तमी के दिन दौला यात्रा के साथ धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। परंपरा के अनुसार, नवपत्रिका को अजय नदी ले जाया गया, जहां पुरोहितों ने विधि-विधान से स्नान कराकर नवपत्रिका को वापस मंदिर में स्थापित किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
बाइट- रामाकांत झा, पुरोहित
वीओ 02. सिमरा की दुर्गा पूजा की विशेषता इसकी ऐतिहासिक विरासत और परंपराओं के प्रति अटूट आस्था है। 251वें वर्ष में भी यहां पूजा के अनुष्ठान पारंपरिक विधि-विधान और निर्धारित समय के पर जारी हैं।
बाइट- आनंद मोहन राय
अंतिम वीओ यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं को सहेजने का माध्यम भी है।
देवघर से मनीष दुबे की रिपोर्ट।