देवउठनी ग्यारस पर बाल विवाह रोकने प्रदेशभर में चलेगा विशेष अभियान
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आगामी 20 नवंबर को देवउठनी ग्यारस पर बड़ी संख्या में होने वाले सामूहिक विवाह आयोजनों को देखते हुए विभाग ने सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने और बाल विवाह की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अभियान के अंतर्गत ग्राम एवं वार्ड स्तर पर सूचना दल गठित किए जाएंगे, वहीं जिला और ब्लॉक स्तर पर 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम तथा उड़न दस्तों के माध्यम से विवाह आयोजनों की निगरानी की जाएगी।
सचिव श्रीमती रश्मि ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा भारत सरकार के बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत प्रदेश में बाल विवाह की घटनाओं को शून्य करने के उद्देश्य से जनजागरूकता और निगरानी गतिविधियों को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से बाल विवाह की दृष्टि से संवेदनशील जिलों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अभियान संचालित किया जाएगा।
देवउठनी ग्यारस के अवसर पर 20 नवंबर को सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में पंच, सरपंच, पंचायत सचिव, अध्यक्ष एवं पार्षद बाल विवाह नहीं होने देने की शपथ लेंगे। शपथ पत्र पंचायत एवं वार्ड कार्यालयों में प्रदर्शित किए जाएंगे। विवाह मुहूर्त से कम से कम एक सप्ताह पूर्व स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से जागरूकता रैलियां निकाली जाएंगी। शासकीय स्कूलों और महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा शिकायत के लिए उपलब्ध हेल्पलाइन की जानकारी दी जाएगी। स्वसहायता समूहों की महिलाएं गांवों में सामूहिक चर्चा कर परिवारों को बाल विवाह नहीं करने के लिए प्रेरित करेंगी।