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धान की खड़ी फसल पर ट्रैक्टर-जेसीबी चलाने का आरोप, 150 लोगों के साथ खेत में घुसकर मारपीट और जान से मारने की धमकी की शिकायत

लेखक: Kuldeep Sharma अंतिम अपडेट: 24 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
धान की खड़ी फसल पर ट्रैक्टर-जेसीबी चलाने का आरोप, 150 लोगों के साथ खेत में घुसकर मारपीट और जान से मारने की धमकी की शिकायत

शिवपुरी। जिले के नरवर क्षेत्र के ग्राम मौजपुर निवासी श्यामसिंह कुशवाह ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने उसकी कृषि भूमि पर जबरन ट्रैक्टर और जेसीबी चलाकर करीब आधा हेक्टेयर में खड़ी धान की फसल नष्ट कर दी। शिकायत में लोकेन्द्र, महेंद्र, बलवंत राजपूत, शिवराज राजपूत, गजेन्द्र राजपूत, भोला राजपूत सहित करीब 150 लोगों पर खेत में घुसने का आरोप लगाया गया है।

श्यामसिंह के अनुसार उसकी सर्वे नंबर 1994 की कृषि भूमि पर उसका कब्जा और खेती है तथा पूर्व में राजस्व विभाग द्वारा भूमि का सीमांकन भी किया जा चुका है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि 9 सितंबर को आरोपित दोबारा खेत में पहुंचे और फसल नष्ट कर दी। विरोध करने पर बंदूक, लाठी-डंडों से मारपीट करने, गाली-गलौज, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि इस मामले को लेकर वह पहले भी 5 जून, 24 जुलाई और 31 अगस्त को शिकायतें दे चुका है। उसका आरोप है कि पूर्व शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से आरोपितों के हौसले बढ़े और दोबारा घटना हुई। श्यामसिंह ने एसपी से आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर एक किसान के खेत पर अनधिकृत ट्रैक्टर चलाने और फसल नष्ट करने के आरोप के बारे में है। ऐसे कार्यों से किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है। जब बड़ी संख्या में लोग बिना अनुमति के खेत में घुसते हैं, तो यह न सिर्फ कृषि उत्पादन को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि ग्रामीण समाज में विश्वासघात और असुरक्षा भी पैदा करता है। इस घटना से ग्रामीण जनता को यह चेतावनी मिलती है कि कृषि भूमि की रक्षा के लिए कानूनी कदम उठाने की आवश्यकता है, अन्यथा खेती पर निर्भर लोगों का जीवन कठिन हो सकता है।

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Kuldeep Sharma

कुलदीप शर्मा पिछोर, शिवपुरी के वरिष्ठ पत्रकार हैं, जो लंबे समय से जनसमस्याओं और सामाजिक मुद्दों को अपनी पत्रकारिता के माध्यम से सामने लाते हैं। वे जमीनी स्तर की खबरों और जनसरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाते हैं