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धनबाद के झारखंड मैदान में आकार ले रहा अंडमान-निकोबार का 'आदिवासी शीश महल'

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
धनबाद के झारखंड मैदान में आकार ले रहा अंडमान-निकोबार का 'आदिवासी शीश महल'

धनबाद के झारखंड मैदान में आकार ले रहा अंडमान-निकोबार का 'आदिवासी शीश महल', 32 लाख की लागत से बन रहा इको-फ्रेंडली पंडाल।

Short Headline: धनबाद के झारखंड मैदान में आकार ले रहा अंडमान-निकोबार का 'आदिवासी शीश महल'

03 अक्टूबर, धनबाद: धनबाद के झारखंड मैदान में इस बार दुर्गा पूजा का आकर्षण बेहद खास होने वाला है। सत्यम शिवम सुंदरम दुर्गा पूजा समिति ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के प्रसिद्ध आदिवासी शीश महल को पंडाल के रूप में जीवंत करने की तैयारी की है। करीब 32 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस पंडाल को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

पंडाल निर्माण के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा और विद्युत सज्जा का काम भी पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर कांथी से आए कुशल कारीगर कर रहे हैं। आयोजन की खासियत यह है कि समिति ने पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए पंडाल और प्रतिमा को पूरी तरह इको-फ्रेंडली रखने का फैसला किया है। निर्माण में प्लास्टिक और थर्मोकोल का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। पंडाल और प्रतिमा को बांस, बांस के छिलके, बिचाली, नारियल के छिलके, हुगला पत्ते और बैंगन के सूखे फूल जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से तैयार किया जा रहा है। इस तरह दुर्गा पूजा के भव्य आयोजन के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा रहा है।

बाइट- विकास साव, सदस्य, आयोजन समिति

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।