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धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने वालों को राहत, कीमतों में आई गिरावट

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने वालों को राहत, कीमतों में आई गिरावट

Date- 6 OCt 2026, Delhi

धनतेरस के मौके पर सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए राहत भरी खबर है। आज के दिन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। पिछले कुछ दिनों से सोने-चांदी में तेज उतार-चढ़ाव बना हुआ था, लेकिन हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को कीमतों में आई नरमी से खरीदारों को अपेक्षाकृत सस्ते भाव पर खरीदारी का मौका मिला है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना अपने पिछले बंद भाव 1,44,095 रुपए से शुक्रवार को 1,934 रुपए यानी 1.34 प्रतिशत टूटकर 1,42,161 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला। वहीं दिन के कारोबार में यह 2,651 रुपए यानी 1.83 प्रतिशत तक गिर गया।

वहीं चांदी की कीमतों में कमजोरी और ज्यादा रही। शुरुआती कारोबार में दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी अपने पिछले बंद भाव 1,87,140 रुपए से 4,555 रुपए यानी 2.43 प्रतिशत फिसलकर 1,82,585 रुपए प्रति किलोग्राम के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गई। जबकि यह आज 1,641 रुपए यानी 0.87 प्रतिशत गिरकर 1,85,499 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुली।

वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स में भी गुरुवार की तेजी के बाद शुक्रवार को मुनाफावसूली देखने को मिली। सोने का भाव 1.51 प्रतिशत गिरकर 4,051.40 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि चांदी 2.13 प्रतिशत टूटकर 51.260 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

वहीं, एमसीएक्स गोल्ड के लिए 1.43 लाख से 1.437 लाख रुपए का दायरा प्रमुख प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) है, जबकि 1.40 लाख रुपए का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है तो कीमतों में और कमजोरी देखने को मिल सकती है।

चांदी में भी हालिया तेजी के बाद दबाव लौटता दिख रहा है। तकनीकी संकेतकों के मुताबिक, एमसीएक्स सिल्वर के लिए 1.86 लाख से 1.88 लाख रुपए का स्तर प्रतिरोध बना हुआ है, जबकि 1.78 लाख से 1.80 लाख रुपए का क्षेत्र प्रमुख सपोर्ट माना जा रहा है।

धनतेरस पर आई यह गिरावट उन ग्राहकों के लिए अच्छा अवसर हो सकती है जो सोना-चांदी की खरीदारी करना चाहते हैं। हालांकि निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करने वालों को केवल त्योहार की भावना के आधार पर नहीं, बल्कि अपने वित्तीय लक्ष्य और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखकर फैसला करना चाहिए।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।