धनतेरस पर सोना-हीरा खरीदने की है तैयारी? पहले जान लें जरूरी बातें और नियम
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धनतेरस पर सोना और कीमती आभूषण खरीदना भारतीय परिवारों में शुभ माना जाता है.
त्योहार के दौरान ज्वेलरी बाजार में ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है और लोग अपनी पसंद के गहने खरीदने के लिए अलग-अलग दुकानों पर पहुंचते हैं.
खूबसूरत डिजाइन और आकर्षक ऑफर देखकर खरीदारी करना कभी-कभी महंगा पड़ सकता है.
ऐसे में गहनों की शुद्धता, प्रमाणपत्र और कीमत की सही जानकारी रखना जरूरी है, ताकि आपकी खरीदारी सुरक्षित रहे और पैसे की पूरी कीमत मिले.
हीरे की ज्वेलरी के लिए अलग प्रमाणपत्र जरूरी
सोने पर लगा हॉलमार्क यह प्रमाणित नहीं करता कि उसमें जड़ा हीरा असली है या उसकी गुणवत्ता कैसी है.
इसलिए डायमंड रिंग, नेकलेस या इयररिंग खरीदते समय हीरे की ग्रेडिंग रिपोर्ट मांगना जरूरी है.
इस रिपोर्ट में हीरे की कटिंग, रंग, स्पष्टता और वजन जैसी जानकारियां शामिल होती हैं.
GIA और IGI जैसी संस्थाएं हीरों की ग्रेडिंग रिपोर्ट जारी करती हैं.
ग्राहक रिपोर्ट में दर्ज विवरण का मिलान खरीद रहे हीरे से करें और उपलब्ध होने पर प्रमाणपत्र की जानकारी संबंधित संस्था के माध्यम से सत्यापित करें.
सोने की शुद्धता के लिए BIS हॉलमार्क जरूर जांचें
सोने के गहने खरीदते समय केवल उनकी चमक या डिजाइन पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है.
ग्राहकों को गहने पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का हॉलमार्क, शुद्धता का निशान और छह अंकों वाला HUID कोड देखना चाहिए.
उदाहरण के लिए, 22 कैरेट सोने पर 916 और 18 कैरेट सोने पर 750 की फाइननेस मार्किंग होती है.
खरीदार BIS केयर ऐप के 'वेरिफाई HUID' फीचर की मदद से हॉलमार्क से जुड़ी जानकारी भी जांच सकते हैं.
इससे गहने की पहचान और दर्ज विवरण का मिलान करने में मदद मिलती है.
बिल और मेकिंग चार्ज की जानकारी लेना न भूलें
ज्वेलरी खरीदते समय केवल सोने के प्रति ग्राम भाव की तुलना करना पर्याप्त नहीं है.
गहने की कीमत में सोने
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar