राज्य

धर्मशाला में दो दिवसीय राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन संपन्न, डिजिटल सेवाओं और नवाचारों पर हुआ मंथन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 17 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
धर्मशाला में दो दिवसीय राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन संपन्न, डिजिटल सेवाओं और नवाचारों पर हुआ मंथन

देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने साझा की ई-गवर्नेंस की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां

अक्तूबर 17,कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन आज संपन्न हो गया। समापन समारोह में भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के अतिरिक्त सचिव पुनीत यादव और हिमाचल प्रदेश की सचिव प्रशासनिक सुधार शैनामोल ए.

मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। सम्मेलन में देशभर के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर डिजिटल प्रशासन, नवाचारों और सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया। डीएआरपीजी के अतिरिक्त सचिव पुनीत यादव ने कहा कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विभिन्न राज्यों में ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और सफल प्रयोगों को साझा करना था, ताकि दूसरे राज्य भी इनसे सीख लेकर अपनी व्यवस्थाओं में सुधार कर सकें।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार प्राप्त परियोजनाओं के अनुभव साझा करने से अधिकारियों को सफल मॉडलों को अपनाने और नई व्यवस्थाएं विकसित करने में मदद मिलती है। इससे समय और संसाधनों की बचत के साथ कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने ई-गवर्नेंस को सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं से सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में सुविधा हुई है। उन्होंने असम के शिक्षा सेतु परियोजना का उदाहरण देते हुए बताया कि प्रौद्योगिकी के उपयोग से शिक्षकों की उपस्थिति की निगरानी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जा सकता है।

सचिव प्रशासनिक सुधार शैनामोल ए. ने कहा कि सम्मेलन में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में अपनाई जा रही सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर चर्चा की। हिमाचल प्रदेश ने भी अपनी डिजिटल पहलों और अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सरकारी सेवाओं को प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

ऐसे में डिजिटल सेवा वितरण व्यवस्था नागरिकों को सुविधाजनक, सुलभ और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सम्मेलन के दौरान ई-गवर्नेंस में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उभरती प्रौद्योगिकियों, साइबर सुरक्षा, डिजिटल परिवर्तन और आंकड़ों के प्रभावी उपयोग जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।

दो दिनों में आयोजित पांच सत्रों में हिमाचल प्रदेश की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के साथ राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार प्राप्त परियोजनाओं को प्रस्तुत किया गया। पिछले तीन वर्षों की लगभग 16 पुरस्कार प्राप्त परियोजनाओं के अनुभव साझा किए गए। सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न राज्यों के बीच ज्ञान और अनुभवों का आदान-प्रदान कर डिजिटल प्रशासन को मजबूत करना तथा नागरिकों को बेहतर सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रभावी उपायों को प्रोत्साहित करना रहा।

बाईट: पुनीत यादव, अतिरिक्त सचिव भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग

बाईट: शैनामोल ए.सचिव प्रशासनिक सुधार, हिमाचल सरकार

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।