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धर्मशाला में राज्य स्तरीय अंडर-19 एथलेटिक्स मीट का आयोजन, डिप्टी चीफ व्हिप केवल सिंह पठानिया ने की शिरकत

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
धर्मशाला में राज्य स्तरीय अंडर-19 एथलेटिक्स मीट का आयोजन, डिप्टी चीफ व्हिप केवल सिंह पठानिया ने की शिरकत

खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और चिट्टा मुक्त हिमाचल बनाने पर दिया जोर, खेलों को बताया राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम

अक्तूबर 26, कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश): धर्मशाला में आयोजित राज्य स्तरीय अंडर-19 बॉयज एंड गर्ल्स एथलेटिक्स मीट में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के डिप्टी चीफ व्हिप केवल सिंह पठानिया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशभर से प्रतियोगिता में भाग लेने पहुंचे खिलाड़ियों और अधिकारियों का स्वागत किया।

उन्होंने आयोजन के लिए आयोजकों, कोचों और शारीरिक शिक्षा अध्यापकों की सराहना करते हुए खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। केवल सिंह पठानिया ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से बच्चों में अनुशासन, आपसी भाईचारे, प्रदेश के प्रति प्रेम और राष्ट्रीय भावना का विकास होता है।

खिलाड़ी ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम रोशन करते हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला के जिस मैदान में आज यह आयोजन हो रहा है, उसी मैदान में उन्होंने भी अभ्यास किया था। वह जूनियर नेशनल, सीनियर नेशनल और इंटर-यूनिवर्सिटी स्तर पर खेल चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने हिमाचल प्रदेश की जूनियर, सीनियर और विश्वविद्यालय टीमों की कप्तानी भी की है।

उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार की खेल नीति का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार ने ओलंपिक, शीतकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए स्वर्ण पदक पर पांच करोड़ रुपये, रजत पदक पर तीन करोड़ रुपये और कांस्य पदक पर दो करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की है।

इसी तरह एशियाई खेलों और पैरालंपिक में पदक विजेताओं को चार करोड़, ढाई करोड़ और डेढ़ करोड़ रुपये तथा राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतने पर क्रमशः तीन करोड़, दो करोड़ और एक करोड़ रुपये देने का प्रावधान है। पठानिया ने कहा कि प्रदेश में खेलों के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।

उन्होंने धर्मशाला स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के हॉस्टल और खेल सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने खेल प्रशिक्षकों, कोचों और आयोजन समिति की भी सराहना की। डिप्टी चीफ व्हिप ने युवाओं में बढ़ते नशे के खतरे पर चिंता जताते हुए कहा कि आज चिट्टा समाज के सामने एक बड़ी चुनौती बन चुका है।

युवाओं को खेलों से जोड़कर इस समस्या से प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सकता है। जब स्कूलों, पंचायतों और अन्य क्षेत्रों में खेल सुविधाएं मजबूत होंगी और बच्चे मैदानों में समय बिताएंगे, तो उन्हें नशे से दूर रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा चलाए जा रहे एंटी-चिट्टा अभियान के तहत युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करना आवश्यक है।

उन्होंने इस अवसर पर चिट्टा मुक्त हिमाचल बनाने का संकल्प लेने का आह्वान भी किया। कार्यक्रम के अंत में केवल सिंह पठानिया ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए संबंधित अधिकारियों और उनकी पूरी टीम को बधाई दी तथा खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन करने और खेलों के माध्यम से प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।