धार्मिक आस्थाओं से जुड़े मेलों का संरक्षण एवं संवर्धन प्रदेश सरकार की प्राथमिकता: यादविंदर गोमा
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डलझील मेले की सांस्कृतिक संध्या में लोक कलाकारों ने बांधा समां
सितंबर 19, कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश): दुर्गेश्वर महादेव डलझील मेले के उपलक्ष्य पर शुक्रवार रात्रि को आयोजित सांस्कृतिक संध्या में हिमाचली लोक कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ अरविन्द के ‘शिव कैलाशों के वासी’ भजन से हुआ। इसके उपरांत सुनील राणा, इशांत भारद्वाज, वर्षा कटोच, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के कलाकारों सहित विभिन्न लोक कलाकारों ने लोकगीतों, लोकनृत्यों एवं पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से हिमाचली संस्कृति की समृद्ध झलक प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में आयुष एवं खेल एवं युवा सेवाएं मंत्री यादविंदर गोमा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की, जबकि उप मुख्य सचेतक एवं स्थानीय विधायक केवल सिंह पठानिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर आयुष मंत्री यादविंदर गोमा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं तथा धार्मिक आस्थाओं से जुड़े मेलों का संरक्षण एवं संवर्धन प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने डलझील मेले के तहत पहली बार महाआरती तथा सांस्कृतिक संध्या के आयोजन के लिए स्थानीय विधायक केवल सिंह पठानिया, मेला आयोजन समिति तथा क्षेत्रवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और लोक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने डलझील के विकास एवं संरक्षण के लिए स्थानीय विधायक केवल सिंह पठानिया द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए मेला आयोजन समिति को 51 हजार रुपये देने की घोषणा भी की।