आज धीरे-धीरे कमजोर होगा मुरासु चक्रवात : IMD
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03 नवंबर, नई दिल्ली : आंध्र प्रदेश के ओंगोल में चक्रवाती तूफान मुरासु के कोठापटनम के पास तट से टकराने के कारण इलाके में समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं। भीषण चक्रवाती तूफान "मुरासु" नेल्लोर और नरसपुर के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार कर उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ गया है।
मौसम विभाग ने इसको लेकर एक बड़ा अपडेट दिया है। IMD के अनुसार भीषण चक्रवाती तूफान "मुरासु" के धीरे-धीरे कमजोर होकर आज दोपहर तक एक चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। इसके बाद, आज आधी रात तक यह और कमजोर होकर एक 'डीप डिप्रेशन' में बदल सकता है। चेन्नई और मछलीपट्टनम में स्थित डॉप्लर वेदर रडार के जरिए इस पर लगातार नजर रखी जा रही है।
चक्रवात के कारण तटीय इलाकों में 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाओं के साथ तेज़ बारिश हो रही है। भारी बारिश और तेज हवाओं के चलते कई झोपड़ीनुमा मकानों को नुकसान पहुंचा है और पेड़ उखड़कर गिर गए हैं। चक्रवात का असर नेल्लोर, काकीनाडा, कोनासीमा, कृष्णा, गुंटूर और प्रकाशम समेत कई जिलों में देखने को मिल रहा है।
मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। चक्रवात के चलते कई जिलों में शिक्षण संस्थान बंद किए गए हैं। चक्रवाती तूफान के कारण रेल और हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा है, कई ट्रेनें और उड़ानें रद्द हुई हैं। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से फोन पर बात की और हालात का जायजा लिया।
उन्होंने हरसंभव मदद का भरोसा भी आंध्र प्रदेश सीएम को दिया। तमिलनाडु के तटीय जिलों में भी चक्रवात मुरासु का काफी असर देखने को मिल रहा है। वहीं बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव की समस्या का सामना लोगों को करना पड़ रहा है। चेन्नई में आज और कल भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।
ऐसे में चेन्नई में कई जगहों पर बचाव उपकरण, आपातकालीन आश्रय स्थल और टीमें तैयार रखी गई हैं। तटीय इलाकों में कई जगहों पर बैरिकेड लगा दिए गए हैं। तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर वहां से निकालकर पास के सामुदायिक हॉल और राहत शिविरों में ठहराने की व्यवस्था भी की गई है, जहां उन्हें भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तटीय क्षेत्र में चक्रवात 'मुरासु' के लैंडफॉल का असर पुडुचेरी में भी दिखाई पड़ रहा है। पुडुचेरी में आधी रात से लगातार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है और लोगों की दिक्कतें काफी बढ़ गई हैं।
IMD ने अनुमान जताया है कि यह चक्रवात और अधिक तीव्र होकर एक 'बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान' का रूप ले लेगा। जिससे और नुकसान होने की आशंका है। हाल ही में आए अर्नब तूफान से अभी पुडुचेरी उबरा भी नहीं था कि अब मुरासु की मार इस क्षेत्र पर पड़ी है।
चक्रवाती तूफान को देखते हुए पड़ोसी राज्य ओडिशा ने भी इस कुदरती आपदा से निपटने की अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है खासकर राज्य के दक्षिणी हिस्सों में। ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान है, जिसे देखते हुए कुछ जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है।
मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी गई है, जबकि संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा गया है। ओडिशा सरकार ने सोमवार को पांच दक्षिणी जिलों से 1 लाख 60 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। विस्थापित लोगों को ठहराने के लिए, सरकार ने प्रभावित जिलों में 2,441 चक्रवात आश्रय स्थलों और अन्य निर्धारित जगहों पर इंतजाम किए हैं। इनमें से 552 आश्रय स्थल अभी चालू हैं, ताकि जोखिम वाले इलाकों से निकाले गए लोगों को तुरंत आश्रय दिया जा सके। वीडियो कैप्शन : चक्रवात 'मुरासु' के लैंडफॉल का असर