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धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बोले- तुम्हारे ठाकुर तीन जगह से टेढ़े:भगवान राम और श्रीकृष्ण की तुलना की, कहा- नाम भी टेढ़ा; मथुरावासी बोले- माफी मांगे

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 2 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बोले- तुम्हारे ठाकुर तीन जगह से टेढ़े:भगवान राम और श्रीकृष्ण की तुलना की, कहा- नाम भी टेढ़ा; मथुरावासी बोले- माफी मांगे

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण की तुलना की। उन्होंने भगवान कृष्ण की मुद्रा, बांसुरी बजाने और वृंदावन धाम को लेकर तंज कसे। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- तुम अपने वाले ठाकुर जी की एक भी फोटो देख लो।

खड़े भी होते हैं तो तीन जगह से टेढ़े। पांव के ऊपर पांव, कमर कहीं लचकाएं और टेढ़ी गर्दन करके बंसी बजाते हैं। हमारे वाले भगवान खड़े भी होते हैं तो एकदम सीधे। उनका नाम भी सीधा, दिखते भी सीधे और चलते भी सीधे। तुम्हारे वाले का नाम भी टेढ़ा, दिखते भी टेढ़े और चलते भी टेढ़े। धीरेंद्र शास्त्री ने यह टिप्पणी मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा में चल रही श्रीराम कथा में की।

इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद लोग इसे भगवान श्रीकृष्ण का अपमान बता रहे हैं। मथुरा के साधु-संतों में गुस्सा है। उन्होंने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री ने माफी मांगे। हम लोग अपने आराध्य का अपमान कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। धीरेंद्र शास्त्री बोले- बंसी बजाना तो खेल है कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान राम की नगरी अयोध्या और भगवान कृष्ण की नगरी वृंदावन का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा- हमारे भगवान का धाम भी एकदम सीधा- अयोध्या और तुम्हारे वाले का वृंदावन। उन्होंने माइक पर गाते हुए कहा कि बंसी का बजाना तो खेल भी है। लेकिन धनुष चलाना कोई खेल नहीं है। तुम्हारे ठाकुर जी जो बंसी बजाते हैं वो कोई बड़ा काम नहीं है। बंसी तो यहां मंच पर मौजूद एक व्यक्ति भी बजा रहा है।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जितने भी ठाकुर जी वाले यहां बैठे हैं। आज तो तुम्हारे ठाकुर जी की भी जय जयकार हो रही है। राम जी साधक यहां जितने भी लोग बैठे हैं। वो आज फूले नहीं समा रहे होंगे। लोग बोले- यह सनातन का अपमान है वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी को लेकर बहस छिड़ गई है।

कई यूजर्स इसे भगवान कृष्ण का अपमान बता रहे हैं। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि वीडियो को संदर्भ से काटकर पेश किया जा रहा है। फिलहाल इस विवाद पर धीरेंद्र शास्त्री की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर मथुरा के संतों में गुस्सा, पढ़िए किसने क्या कहा- दिनेश फलाहारी बोले- हम अपने आराध्य का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे मथुरा के श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर मस्जिद प्रकरण में याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि राम ब्रह्म हैं और श्रीकृष्ण योगेश्वर।

वे संपूर्ण विश्व के पालनहार हैं। सबके कल्याण की कामना करते हैं। हमारे कृष्ण कन्हैया ब्रजवासियों के लाडले हैं। उनके बारे में इस तरह की टिप्पणी करना अनुचित है। चाहे धीरेंद्र शास्त्री हों या कोई और, ब्रजवासी उन्हें माफ नहीं करेंगे। हमारे कृष्ण कन्हैया ने मथुरा में जन्म लिया, ब्रज में रासलीला और महारास किया, माखन चोरी की लीलाएं कीं और ब्रजवासियों के पूर्वजों के साथ खेलकर अपना बचपन बिताया।

ऐसे आराध्य का अपमान हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। माया पाकर किसी को अहंकार नहीं करना चाहिए। आप जिस तरह अहंकार में डूबे हुए हैं, यह उचित नहीं है। अहंकार तो रावण का भी नहीं रहा, फिर आप क्या चीज हैं?

हमारे कृष्ण कन्हैया के बारे में कोई भी व्यक्ति इस तरह की टिप्पणी करेगा तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धीरेंद्र शास्त्री माफी मांगे, कृष्ण हर ब्रजवासी के लाडले साध्वी इन्दुलेखा ने कहा कि श्रीकृष्ण जी हमारे आराध्य हैं। हमारे स्वामी हैं। पति स्वरूप में भी आज हमारे साथ विराजमान हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने जिस तरह की टिप्पणी की है।

हम उसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। जहां बांसुरी की जरूरत होती है। वहां उन्होंने बांसुरी बजाकर गोपियों को अपने प्रेम में बांधा। ब्रजवासियों और ग्वाल-बालों के साथ अनेक लीलाएं कीं। द्वापर युग में श्रीकृष्ण 16 कलाओं से निपुण थे। जबकि भगवान राम 12 कलाओं से निपुण थे। भगवान राम ने धनुष चलाकर विजय प्राप्त की, लेकिन हमारे बांके बिहारी जी ने बांसुरी बजाकर गोपियों का मन मोह लिया।

ब्रज का हर एक वासी उनके लाडले हैं और हम भी उनके लाडले हैं। ब्रज के प्रति हमारी गहरी आस्था है। इसलिए धीरेंद्र शास्त्री जी, आपकी इस टिप्पणी को हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। आपको इस पर माफी मांगनी चाहिए बागेश्वर सरकार माफी मांगे, वरना हम चुप नहीं बैठेंगे राजेश पाठक ने कहा कि योगेश्वर श्रीकृष्ण इस चराचर जगत के पालनहार और संहारकर्ता हैं।

भगवान योगेश्वर श्रीकृष्ण के बारे में मजाक में भी कोई गलत टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। इतिहास गवाह है कि जब भी किसी साधु-संत या कथावाचक ने भगवान श्रीकृष्ण के बारे में अनुचित टिप्पणी की है, ब्रजवासियों ने उसका घोर विरोध किया है। बागेश्वर सरकार की टिप्पणी का भी कड़ा विरोध किया जाएगा।

यदि उन्होंने अपने बयान पर माफी नहीं मांगी तो ब्रजवासी चुप नहीं बैठेंगे। 2 साल पहले पंडित प्रदीप मिश्रा ने की थी टिप्प्णी, रगड़ी थी नाक इससे पहले कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने 9 जून 2024 को ओंकारेश्वर में विवादित बयान दिया था। कथा के पहले दिन प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा था, 'राधा-रानी का नाम भगवान श्रीकृष्ण की 108 पटरानियों और 1600 रानियों में नहीं हैं।

राधा के पति का नाम अनय घोष, उनकी सास का नाम जटिला और ननद का नाम कुटिला था। राधा जी का विवाह छाता में हुआ था। ' उन्होंने कहा था, 'राधा जी बरसाना की नहीं, रावल की रहने वाली थीं। बरसाना में तो राधा जी के पिता की कचहरी थी, जहां वह साल भर में एक बार आती थीं। ' पंडित प्रदीप मिश्रा का ये प्रवचन वायरल हुआ तो संत, ब्रजधाम में लोगों ने विरोध किया।

सबसे तल्ख टिप्पणी प्रेमानंद महाराज की तरफ से आई थी। उन्होंने कहा, 'लाडली जी के बारे में तुम्हें पता ही क्या है?

तुम जानते ही क्या हो?

अगर तुम किसी संत के चरण रज का पान करके बात करते तो तुम्हारे मुख से कभी ऐसी वाणी नहीं निकलती। ' विवाद बढ़ने के बाद पंडित प्रदीप मिश्रा 29 जून को बरसाना मंदिर पहुंचे। उन्होंने राधा-रानी के जन्म और विवाह से जुड़े अपने बयान पर माफी मांगी। मंदिर में उन पर इस बात के लिए दबाव बनाया गया कि नाक रगड़कर माफी मांगी जाए। आखिरकार उन्होंने मंदिर में नाक रगड़कर माफी मांगी। दंडवत प्रणाम किया था। …………….

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प्रदीप मिश्रा से बदसलूकी, धक्का-मुक्की:नाक रगड़ने के लिए मजबूर किया; लोग राधा-रानी के विवाह पर बयान देने से नाराज थे कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा से शनिवार, 29 जून को बरसाना मंदिर में बदसलूकी की गई। धक्का-मुक्की करते हुए उनके अंगवस्त्र खींचे गए। नाक रगड़ने के लिए मजबूर किया गया। लोग चिल्ला रहे थे कि नाक रगड़वाओ, कान पकड़वाओ...। प्रदीप मिश्रा दोपहर को बरसाना पहुंचे थे। उन्होंने राधा-रानी के जन्म और विवाह से जुड़े अपने बयान पर माफी मांगी। मंदिर में उन पर इस बात के लिए दबाव बनाया गया कि नाक रगड़कर माफी मांगी जाए। इस घटनाक्रम के दौरान पंडित मिश्रा असहज दिखे। पढ़ें पूरी खबर

📡 स्रोत: NewsData.io

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