डीजल की बिक्री पर लगी पाबंदी, पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म होने की नौबत
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पिछले कुछ समय से देश में पेट्रोल-डीजल के दाम में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, इसका कारण मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण सप्लाई में आई दिक्कत है.
ऐसे में अगर आपकी गाड़ी में डीजल का इस्तेमाल होता है तो यह जानकारी आपके लिए है, क्योंकि अब आप पेट्रोल पंपों पर डीजल तय की गई लिमिट में ही खरीद सकते हैं.
पहले ग्राहक पेट्रोल पंप पर अपनी जरूरत के मुताबिक डीजल खरीदते थे, लेकिन अब कुछ प्राइवेट फ्यूल कंपनियों ने डीजल खरीदने की मात्रा को सीमित कर दिया है. लेकिन इसके पीछे कारण क्या है ये जानना जरूरी है.
दरअसल, प्राइवेट फ्यूल कंपनियों Naryana Energy और Jio-bp ने अपने पेटोल पंपों पर डीजल खरीदने की लिमिट तय की है, जिसके पीछे के कारण की बात करें तो कारण डीजल की कीमतों में बड़ा अंतर है.
डीजल का स्टॉक कम हुआ
सस्ता डीजल मिलने की वजह से बड़े ग्राहक भी रिटेल पेट्रोल पंपों से ज्यादा मात्रा में डीजल खरीद रहे हैं.
अब इसकी वजह से पेट्रोल पंपों पर डीजल का स्टॉक कम हो रहा है. जानने वाली बात ये है कि बल्क और रिटेल डीजल की कीमतों में अंतर आया कैसे?
बल्क और रिटेल डीजल की कीमतों में अंतर क्यों आया?
मामले की सबसे बड़ी वजह तो पेट्रोल पंप और बल्क ग्राहकों को मिलने वाले डीजल की कीमतों में अंतर है.
अंतराराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत भी 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है.
इसके बाद भी रिटेल पेट्रोल पंपों पर ईंधन के दाम में मई से बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली.
इसके साथ ही बल्क और इंडस्ट्रियल ग्राहकों के लिए डीजल की कीमतें इंटरनेशनल मार्केट के हिसाब से तय की जा रही हैं.
कितने रुपये का अंतर आया?
बता दें कि रिटेल और बल्क डीजल की कीमतों में अंतर देखने को मिला है, ये अंतर लगभग 40 रुपये प्रति लीटर का बताया जा रहा है.
यही कारण है कि बड़े ग्राहक रिटेल पंपों पर सस्ता डीजल खरीदने के लिए पहुंच रहे हैं और डीजल सस्ता मिलने की वजह
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar