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दिल्ली हॉस्टल हादसा- आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई:कोर्ट ने कहा था- मुद्दे को दिल्ली तक सीमित नहीं रखेंगे; बिल्डिंग गिरने से 7 की मौत हुई थी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 13 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
दिल्ली हॉस्टल हादसा- आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई:कोर्ट ने कहा था- मुद्दे को दिल्ली तक सीमित नहीं रखेंगे; बिल्डिंग गिरने से 7 की मौत हुई थी

सुप्रीम कोर्ट दिल्ली के सत्य निकेतन में PG हादसे में आज सुनवाई करेगा। कोर्ट ने 8 सितंबर को सुनवाई के दौरान कहा था कि मामला केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि देशभर में जर्जर-अवैध इमारतों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इससे पहले इस मामले पर 7 सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई की थी।

हाईकोर्ट ने कहा था- हादसे के लिए दिल्ली नगर निगम और दिल्ली यूनिवर्सिटी दोनों जिम्मेदार हैं। अदालत ने एमसीडी (MCD), दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, एनएचआरसी (NHRC) और दिल्ली यूनिवर्सिटी से 10 दिन में जवाब मांगा है। इसके बाद बुधवार को सीएम ने MCD को अवैध PG हॉस्टलों की जांच के निर्देश भी दिए हैं।

MCD ने PG बिल्डिंग के पास की इमारतों को गिराना शुरू कर दिया है। इन इमारतों में गर्ल्स PG था। लड़कियां PG खाली कर दूसरी जगह शिफ्ट हो रही हैं। सत्य निकेतन में 6 सितंबर को पांच मंजिला PG बिल्डिंग गिरने से 7 लोगों की मौत हुई थी। मामले में बुधवार तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। PG मालिक, संचालक और लेबर कॉन्ट्रैक्टर गिरफ्तार दिल्ली पुलिस ने PG हादसे में बुधवार को सुधांशु नाम के युवक को गिरफ्तार किया है।

वह बिल्डिंग में हॉस्टल डेज नाम से PG चला रहा था। उसका पार्टनर शुभम त्यागी फरार है। दोनों ने अगस्त 2025 में बिल्डिंग लीज पर ली थी। इससे पहले बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल, उनकी पत्नी उर्मिला, बेटे महेश और लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को गिरफ्तार किया जा चुका है। सोमवार रात हरिराम बंसल, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया।

जस्टिस भव्य खराल ने हरिराम और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि महेश को 2 दिन की पुलिस हिरासत मिली। पुलिस रिमांड के दौरान महेश ने बताया कि PG चलाने वाली कंपनी की शिकायत पर बेसमेंट में जमा पानी और सीलन की दिक्कत दूर करने के लिए मरम्मत कराई जा रही थी। बेसमेंट से पानी निकालने के बाद निर्माण कार्य के दौरान पावर ट्रोवेल मशीन भी चलाई जा रही थी।

पुलिस को आशंका है कि मशीन से पैदा हुई कंपन और पहले से कमजोर संरचना के कारण बिल्डिंग भरभराकर गिर गई। ठेकेदार बोला- 10 दिन पहले रेनोवेशन के लिए लगाया था पूछताछ में ठेकेदार सनोज ने बताया कि महेश गुप्ता ने उसे 10 दिन पहले रेनोवेशन के लिए लगाया था। उसे 2800 रुपये रोज मिलते थे। काम बेसमेंट को ग्राउंड

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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