दिल्ली जल बोर्ड केस में सत्येंद्र जैन को जमानत:दो-दो लाख रुपए के बॉन्ड और दो जमानतदार देने होंगे, 18 अगस्त को गिरफ्तार हुए थे
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में आम आदमी पार्टी नेता और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को जमानत दे दी। यह मामला उस समय का है, जब जैन दिल्ली के जल मंत्री थे। कोर्ट ने जैन को 2 लाख रुपए का निजी बॉन्ड और इतनी ही रकम के दो जमानतदार देने का निर्देश दिया।
जैन को 18 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। यूरोटेक कंपनी को टेंडर देने का मामला ACB ने पैसों के लेन-देन का दावा किया ACB ने पैसों के लेन-देन की एक कड़ी मिलने का दावा किया था। उसके मुताबिक, कमीशन बिचौलियों के जरिए अलग-अलग आरोपियों के बैंक खातों में पहुंचाया गया। यह केस मई 2024 में दर्ज किया गया था।
दिल्ली जल बोर्ड के STPs की क्षमता बढ़ाने और अपग्रेडेशन से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया में बड़े स्तर की अनियमितताओं, टेंडर शर्तों में हेरफेर और आपराधिक साजिश की शिकायत पर केस दर्ज हुआ था। शिकायत दिल्ली सरकार के विजिलेंस निदेशालय ने की थी। 2024 में 2 साल बाद जेल से बाहर आए थे जैन सत्येंद्र जैन अक्टूबर 2024 में तिहाड़ जेल से बाहर आए थे।
वे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 872 दिन जेल में रहे थे। ED ने उन्हें 30 मई 2022 को गिरफ्तार किया था। 18 अक्टूबर 2024 को दिल्ली की अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी। 2024 में तिहाड़ जेल के बाहर आने पर सत्येंद्र जैन से तत्कालीन दिल्ली सीएम आतिशी, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने मुलाकात की थी।
दिल्ली जल बोर्ड का STP टेंडर मामला ED के मुताबिक, दिल्ली जल बोर्ड के 4 STP टेंडरों में कथित गड़बड़ी हुई। आरोप है कि टेंडर की शर्तें एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई थीं। ED ने दिसंबर 2025 में सत्येंद्र जैन समेत 14 लोगों के खिलाफ करीब 17.70 करोड़ रुपए के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल की थी।
जैन पर ACB के आरोप सत्येंद्र जैन के खिलाफ यह केस 11 मई 2024 को दर्ज हुआ था। ACB के मुताबिक, STP अपग्रेडेशन के टेंडर की शर्तें एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए बदली गई थीं। ACB ने कहा कि ऐसी शर्तें जोड़ी गईं, जिससे प्रतिस्पर्धा खत्म हो गई और सरकारी खजाने को नुकसान हुआ। जांच में बिचौलियों और अधिकारियों की बातचीत के इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले।
ई-मेल से पता चला कि टेंडर दस्तावेज कंपनियों को पहले ही भेज दिए गए थे। सत्येंद्र जैन पर दर्ज अन्य मामले आय से अधिक संप
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
🎙️ जनता का संदेश का मत
सत्य और न्याय की राह पर चलने वाले समाज में भ्रष्टाचार के किसी भी रूप को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए। जब नेता भी कानून के आगे समान हों, तभी जनता का विश्वास बना रहता है। इस घटना से हमें यह सीख मिलती है कि हर नागरिक को अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए और किसी भी दुरुपयोग को कानूनी माध्यम से सुलझाना चाहिए। इससे समाज में पारदर्शिता और जिम्मेदारी की भावना जागृत होगी।