भोपाल

दिल्ली कूच की तैयारी तेज—एयरोसिटी में 110 एम्बुलेंस के साथ अस्पताल संचालकों का शक्ति प्रदर्शन

लेखक: Santosh Yogi अंतिम अपडेट: 7 अक्टूबर 2026 👁️ 2 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
दिल्ली कूच की तैयारी तेज—एयरोसिटी में 110 एम्बुलेंस के साथ अस्पताल संचालकों का शक्ति प्रदर्शन

प्रदेश के अलग-अलग जिलों से अलग-अलग जत्थों में करीब 1000 एम्बुलेंस दिल्ली के लिए होंगी रवाना; आज शाम संयुक्त कोर कमेटी की बैठक में दिल्ली पहुंचने के स्थान और समय पर होगा अंतिम निर्णय

भोपाल आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निजी अस्पतालों के लंबे समय से लंबित भुगतान, क्लेम रिजेक्शन एवं कटौतियों, NABH की अनिवार्यता तथा अन्य तकनीकी एवं प्रक्रियागत समस्याओं को लेकर प्रदेशभर के अस्पताल संचालकों का आंदोलन तेज हो गया है।

दिल्ली कूच की तैयारियों के क्रम में कल भोपाल के एयरोसिटी क्षेत्र में करीब 110 एम्बुलेंस के साथ विशाल शक्ति प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में अस्पताल संचालकों एवं स्वास्थ्य संस्थानों ने इसमें भाग लेकर आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

अस्पताल संगठनों के अनुसार प्रस्तावित दिल्ली कूच में करीब 1000 एम्बुलेंस शामिल करने की तैयारी है। सभी एम्बुलेंस एक साथ रवाना नहीं होंगी, बल्कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों से अलग-अलग समय पर विभिन्न जत्थों में चरणबद्ध तरीके से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी।

आंदोलन से जुड़े प्रमुख चिकित्सा एवं अस्पताल संगठनों की संयुक्त कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आज शाम आयोजित की जा रही है। बैठक में दिल्ली कूच की आगे की रणनीति, विभिन्न जिलों से जत्थों के प्रस्थान तथा दिल्ली में सभी जत्थों के एकत्रित होने के स्थान और समय पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

डॉ. धनंजय मिश्रा, उपाध्यक्ष, अस्पताल संचालक यूनियन (UPHDA) ने कहा कि अस्पताल गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा के मानकों के पूरी तरह पक्षधर हैं, लेकिन NABH को जबरन अनिवार्य करना छोटे एवं मध्यम अस्पतालों पर भारी आर्थिक और प्रशासनिक बोझ डाल रहा है। उन्होंने कहा, “NABH को अनिवार्य करने के बजाय स्वैच्छिक एवं प्रोत्साहन आधारित बनाया जाए। गुणवत्ता के मानक अस्पतालों के आकार, क्षमता और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप व्यावहारिक होने चाहिए। ऐसी व्यवस्था नहीं बननी चाहिए जिससे छोटे और मध्यम अस्पतालों के लिए आयुष्मान योजना में बने रहना ही मुश्किल हो जाए।”

डॉ. जीशान अहमद, एडवाइजरी चेयरमैन, अस्पताल संचालक यूनियन (UPHDA) ने कहा कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत लंबे समय से भुगतान अटकने के कारण छोटे और मध्यम निजी अस्पताल गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “पोर्टल-1, पोर्टल-2, CPD रिजेक्ट क्लेम, ट्रिगर, ऑथेंटिकेशन तथा अन्य प्रक्रियागत कारणों से अटके वैध दावों का तत्काल भुगतान होना चाहिए।

अस्पताल मरीजों का इलाज करके अपनी तरफ से खर्च कर चुके हैं; महीनों तक उनका पैसा रोककर अस्पतालों से निर्बाध सेवाएं जारी रखने की अपेक्षा व्यावहारिक नहीं है। पुराने सभी वैध बकाया का तत्काल निपटारा हो और भविष्य के प्रत्येक भुगतान के लिए निश्चित समय-सीमा एवं जवाबदेही तय की जाए।”

संगठनों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन का उद्देश्य अस्पतालों की लंबित समस्याओं का व्यावहारिक और स्थायी समाधान प्राप्त करना है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में दिल्ली कूच की तैयारियां जारी हैं। आज शाम संयुक्त कोर कमेटी की बैठक के बाद दिल्ली अभियान की अगली रूपरेखा, एकत्रीकरण स्थल और समय की विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर दिल्ली कूच के दौरान एयरोसिटी में 110 एम्बुलेंस के साथ अस्पताल संचालकों के शक्ति प्रदर्शन की तैयारी पर आधारित है। यह विषय स्वास्थ्य क्षेत्र के हितधारकों के बीच एकजुटता और समन्वय को दर्शाता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों के लंबित भुगतानों और क्लेम रिजेक्शन जैसी समस्याओं को हल करने के प्रयासों को उजागर करती है, जिससे सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ती है। आम जनता पर इसका असर यह है कि अस्पतालों के भुगतान में सुधार स

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Santosh Yogi

संतोष योगी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो भोपाल जिला एवं आसपास की घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं।