दिल्ली-NCR में पेट्रोल-डीजल गाड़ियों का अंत तय, 2040 तक सिर्फ EV दौड़ेंगी
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प्रदूषण से जूझती राजधानी दिल्ली में अब पेट्रोल और डीजल की गाड़ियों को पूरी तरह से बैन करने पर विचार चल रहा है.
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से गठित एक 15-सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने दिल्ली-एनसीआर में गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को खत्म करने के लिए 2040 तक सभी पेट्रोल और डीजल वाहनों को हटाने की सिफारिश की है.
ताकि 100% ईवी गाड़ियों का रास्ता साफ हो सके.
बता दें कि कमेटी ने अपनी रिपोर्ट को एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन को सौंपी है.
इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा इसलिए दिया जा रहा है, ताकि प्रदूषण को कम किया जा सकें. ऐसे में सवाल उठता है कि इस रिपोर्ट में क्या-क्या है?
रिपोर्ट में क्या है?
इस रिपोर्ट में कमेटी ने कई प्रस्ताव रखें हैं.
पुरानी गाड़ियों को हटाने, नई इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने के सुझाव दिए गए हैं और इसके साथ ही इसमें नई गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन के लिए समय-सीमा तय करने के लिए भी सुझाव दिए हैं.
कौन-सी गाड़ियां ज्यादा फैलाती हैं प्रदूषण?
कमेटी के मुताबिक, दिल्ली-NCR में पुरानी गाड़ियों की संख्या कम है, लेकिन वहीं नई गाड़ियों की संख्या ज्यादा है.
ऐसे में पुरानी गाड़ियां ज्यादा प्रदूषण फैलाती हैं, इसलिए कमेटी ने सुझाव दिया है कि पुरानी गाड़ियों को पहले हटाया जाए, ताकि प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सकें.
वहीं सर्दियों के दौरान प्रदूषण काफी बढ़ जाता है, इसलिए कमेटी ने सर्दियों में प्रदूषण कम करने के मकसद से अगले महीने यानी 1 नवंबर से 31 जनवरी तक BS-IV गाड़ियों पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया है.
लेकिन एक बात का ध्यान रखें, कि ये केवल अभी एक प्रस्ताव है. इसका मतलब ये नहीं है कि रोक लगा दी जाएगी. फिलहाल रोक लगाने का आखिरी फैसला होना बाकी है.
क्या नियम लागू हो गया है?
बता दें कि कमेटी ने अपनी रिपोर्ट एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन को सौंप दी है.
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📡 स्रोत: ABP Live Vyapar