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दिल्ली पीजी हादसे में चौथी गिरफ्तारी,यूपी से लेबर कॉन्ट्रैक्टर पकड़ाया:सत्य निकेतन में खतरनाक बिल्डिंग को गिराना शुरू, यहां गर्ल्स हॉस्टल था

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 23 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
दिल्ली पीजी हादसे में चौथी गिरफ्तारी,यूपी से लेबर कॉन्ट्रैक्टर पकड़ाया:सत्य निकेतन में खतरनाक बिल्डिंग को गिराना शुरू, यहां गर्ल्स हॉस्टल था

दिल्ली नगर निगम ने मंगलवार को सत्य निकेतन इलाके में हादसे वाली इमारत से सटी बिल्डिंग को तोड़ना शुरू कर दिया है। 6 सितंबर को बिल्डिंग ‘हॉस्टल डेज’ ढहने के बाद अधिकारियों ने पड़ोस की इमारत को खतरनाक घोषित किया था। मंगलवार को शुरू हुई कार्रवाई शाम तक चली, जो बुधवार सुबह फिर शुरू होगी। इस बिल्डिंग में गर्ल्स पीजी चल रहा था।

पड़ोस की इमारत गिरने के बाद इसे खाली करा लिया गया था। सत्या निकेतन में रविवार को गिरी इमारत में कम से कम 7 लोगों की मौत हुई थी और 5 लोग घायल हुए थे। इधर, इमारत गिरने के मामले में लेबर कॉन्ट्रैक्टर को उत्तर प्रदेश के कासगंज से पकड़ा गया है। यह इस मामले में चौथी गिरफ्तारी है। इससे पहले पीजी के मालिक हरिराम, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को पुलिस सोमवार को गिरफ्तार कर चुकी है।

गर्ल्स पीजी की दीवारों में दरारें, छात्राओं ने बनाया वीडियो हॉस्टल डेज के पड़ोस में ही बने एक पीजी की कुछ स्टूडेंट्स ने अपने कमरे में आई दरारों का वीडियो बनाया था। दावा किया जा रहा है कि यह बिल्डिंग हॉस्टल डेज के ठीक पहले बना गर्ल्स हॉस्टल ही है। यहां रहने वाली दो छात्राओं अर्निका और मानसी ने 'हॉस्टल डेज' में हुए हादसे से कुछ मिनट पहले अपने कमरे की दीवारों और छत की दरारों का वीडियो बनाया था।

ये दोनों दिल्ली यूनिवर्सिटी की सेकेंड ईयर की छात्राएं हैं। वीडियो में 20 साल की अर्निका को कहते सुना जा सकता है- 'लगता है गिरने वाली है।' दिल्ली पीजी हादसे पर एक्शन, मंगलवार के 2 अपडेट… आरोपी दंपती 14 दिन की, बेटा 2 दिन की रिमांड पर सोमवार रात तीनों आरोपियों हरिराम बंसल, पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया।

जस्टिस भव्य खराल ने हरिराम और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, जबकि महेश को 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है। पुलिस रिमांड के दौरान इमारत मालिक हरिराम गुप्ता के बेटे महेश गुप्ता ने जांच अधिकारी को बताया कि पीजी संचालित करने वाली कंपनी की शिकायत पर बेसमेंट में पानी भरने और सीलन की समस्या दूर करने के लिए मरम्मत करवाई जा रही थी।

बेसमेंट से पानी निकालने के बाद निर्माण कार्य के दौरान पावर ट्रोवेल मशीन भी चलाई जा रही थी। आशंका है कि मशीन से पैदा हुई कंपन और कमजोर हुई संरचना के कारण भवन भरभराकर गिर गया। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, सुनवाई कल सत्य निकेतन पीजी ह

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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🎙️ जनता का संदेश का मत

सत्य निकेतन की इस दुखद घटना से हमें यह सिखने को मिलता है कि सुरक्षा के नियमों का पालन अनिवार्य है। इमारतों के ढहने से कई जीवनों पर असर पड़ता है, इसलिए निर्माण और रखरखाव में कड़ाई से निरीक्षण अनिवार्य है। यदि कोई खतरा महसूस हो तो तुरंत अधिकारियों को सूचित करें और स्वयं को सुरक्षित रखें। यह घटना हमें याद दिलाती है कि समाज की भलाई के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी और सामूहिक जागरूकता दोनों ज़रूरी हैं।

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