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दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरी, 3 लोगों की मौत

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 11 सितंबर 2026 👁️ 5 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरी, 3 लोगों की मौत

सितंबर 06, नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में छात्रों के पीजी के तौर पर इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। राहत और बचाव अभियान के दौरान अब तक 11 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है।

घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, एंबुलेंस और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अधिकारियों के मुताबिक, इमारत के बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था, इसी दौरान इमारत ढह गई।

पुलिस ने इमारत के मालिक की पहचान कर ली है और उसकी तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं। घटनास्थल पर राहत-बचाव कार्य लगातार जारी है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और सांसद बांसुरी स्वराज ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तेजी से अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और उनका हाल जाना। उन्होंने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी संदेश में हादसे को बेहद दुखद बताया गया। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली के पुलिस आयुक्त और एनडीआरएफ के महानिदेशक से बात कर हादसे की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन और एनडीआरएफ समन्वय के साथ राहत और बचाव अभियान चला रहे हैं और घायलों को जरूरी चिकित्सा सहायता दी जा रही है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पाँच मंजिला इमारत के अचानक गिरने की है, जिसमें तीन लोगों की मृत्यु हुई और कई अन्य मलबे में फंसे हुए हैं। यह विषय इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा और निर्माण मानकों पर प्रकाश डालता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शहरी क्षेत्रों में आवासीय और शैक्षणिक सुविधाओं की स्थिरता के प्रति जागरूकता बढ़ाती है, और आपदा प्रबंधन की तात्कालिकता को दर्शाती है। आम जनता पर इसका असर सुरक्षा नियमों के पालन की मांग, भवन निरीक्षण की सख्ती, और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमताओं में सुधार

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।