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'दिन में सुरक्षा की बात और रात में फैलाता है आतंकवाद', संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान को जमकर धोया

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
'दिन में सुरक्षा की बात और रात में फैलाता है आतंकवाद', संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान को जमकर धोया

India in UNGA: भारत ने एक बार फिर से वैश्विक मंच पर पाकिस्तान को आतंकवाद को लेकर आईना दिखाया.

दरअसल, संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण पर भारत ने करारा जवाब दिया.

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की पोल खोलकर रख दी.

पेटल गहलोत ने कहा, "आज दोपहर, जनरल असेंबली ने पाकिस्तान के प्रतिनिधि की कुछ अजीब बातें सुनीं.

यह घटना न्यूयॉर्क शहर और दुनिया द्वारा भयानक 9/11 आतंकवादी हमले की 25वीं बरसी मनाने के ठीक दो हफ्ते बाद हुई है.

इसी को ध्यान में रखना जरूरी है क्योंकि इसका मास्टरमाइंड, ओसामा बिन लादेन, पाकिस्तानी सेना की प्रमुख अकादमी के ठीक पास रह रहा था.

यही वह संस्था थी जिसके सामने आज पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने इतना गहरा सम्मान दिखाया.

लेकिन पाकिस्तान के लोग जिसे खुद 'फॉर्म 47 सरकार' कहते हैं, उससे ऐसी ही उम्मीद की जा सकती है." UN में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने आगे कहा, "हमने लोकतांत्रिक अधिकारों और मानवीय मूल्यों के बारे में ऐसी सरकार से पाखंडपूर्ण बातें सुनीं, जिसकी राजधानी में इस समय उसी के लोगों के खिलाफ किलेबंदी की जा रही है.

ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि यह सरकार सेना की है, सेना के द्वारा है और सेना के लिए है.

उनके कठपुतली नेता आते-जाते रह सकते हैं, लेकिन हमें इस बारे में कोई भ्रम नहीं होना चाहिए कि असल में फैसले कौन लेता है.

पाकिस्तान की सच्चाई उसके 27वें संशोधन और उसके असली शासक को मिली आजीवन छूट से साफ झलकती है." पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण पर पलटवार करते हुए पेटल गहलोत ने कहा, "हमने जो बातें सुनीं, वे ऐसे लोगों की तरफ से आईं जिनका कट्टरता और नफरत का लंबा इतिहास रहा है.

वे दिन में सुरक्षा की बात करते हैं, लेकिन असल में रात में आतंकवाद फैलाते हैं.

इस सभा में धार्मिक असहिष्णुता के बारे में ऐसी सरकार ने टिप्पणी की, जिसकी बुनियाद ही ईशनिंदा (blasphemy) के कानून हैं. दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ कैसा बर्ताव किया जाता है.

कोई भी खोखली और दिखावटी बात दुनिया को गुमराह नहीं कर सकती." उन्होंने आगे कहा, "भारत के केंद्र-शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का जिक्र किया गया. यह मेरे देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और हमेशा रहेगा.

लेकिन अगर हमें कश्मीर पर बात करनी ही है, तो आइए पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर पर ध्यान दें.

रावलकोट के लोगों से उन बेमतलब की हत्याओं, बेरहम हिंसा और बुनियादी अधिकारों से वंचित रखे जाने के बारे में पूछिए, जिन्हें वे लंबे समय से झेल रहे हैं."

📡 स्रोत: NewsData.io

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