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डिंडौरी में ‘जननायक’ सांस्कृतिक श्रृंखला में गोंड महानायकों की वीरगाथाओं का मंचन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 27 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
डिंडौरी में ‘जननायक’ सांस्कृतिक श्रृंखला में गोंड महानायकों की वीरगाथाओं का मंचन

संस्कृति विभाग की तीन दिवसीय श्रृंखला में नृत्य-नाट्य से जीवंत हुई गोंड सभ्यता की विरासत

पहले दिन राजा पेमलशाह और दूसरे दिन राजा लौह गुंडी के जीवन और शौर्य की प्रस्तुति

डिंडौरी, अक्टूबर 27: जिले में संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सांस्कृतिक श्रृंखला ‘जननायक’ में गोंड सभ्यता के महानायकों की वीरगाथाओं को नृत्य-नाट्य के माध्यम से प्रस्तुत किया जा रहा है। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के खेल मैदान में 25 से 27 अक्टूबर तक आयोजित कार्यक्रम में पहले दिन राजा पेमलशाह और दूसरे दिन राजा लौह गुंडी के जीवन, संघर्ष और शौर्य का मंचन किया गया।

कलाकारों ने अभिनय, नृत्य और संगीत के माध्यम से गोंड समाज की गौरवशाली परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को ऐतिहासिक महानायकों से परिचित कराना और लोककलाओं का संरक्षण करना है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में दर्शकों ने सहभागिता की तथा प्रस्तुतियों की सराहना की।

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बाइट - हीरादेवी परस्ते,जिला पंचायत सदस्य

बाइट -केहर सिंह बरमे,वकील व दर्शक बाइट - राजेंद्र जाटव,सहायक आयुक्त डिंडोरी

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर डिंडौरी में ‘जननायक’ नामक तीन दिवसीय सांस्कृतिक श्रृंखला के बारे में है, जहाँ गोंड सभ्यता के महानायक राजा पेमलशाह और राजा लौह गुंडी की वीरगाथाएँ नृत्य-नाट्य के माध्यम से जीवंत की गई हैं। यह कार्यक्रम संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य गोंड संस्कृति की विरासत को पुनर्जीवित करना और युवा वर्ग में सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना है। इस पहल का महत्व यह है कि यह क्षेत्रीय इतिहास और परंपराओं को व्यापक दर्शकों तक पहुँचाता है, जिससे सांस्कृतिक गर्व और ऐतिहासिक जागरूकता बढ़ती ह

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।