खेल

डिंडौरी में कलेक्टर की पहल ‘SOLES For SOULS’ बना अभियान

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
डिंडौरी में कलेक्टर की पहल ‘SOLES For SOULS’ बना अभियान

डिंडौरी में ‘SOLES For SOULS’ बना जनअभियान

350 बच्चों को अब तक मिले जूते-मोजे

डिंडौरी में कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की पहल ‘SOLES For SOULS’ अब अभियान का रूप ले चुकी है। इसकी शुरुआत निरीक्षण के दौरान छात्रावास में बच्चों को नंगे पैर देखने के बाद हुई। बच्चों ने बताया कि जूते नहीं होने के कारण वे दौड़ और फुटबॉल जैसी खेल गतिविधियों में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं।

इसके बाद जिले के सभी छात्रावासों के बच्चों तक जूते पहुंचाने की पहल शुरू की गई। 29 अगस्त को गौराकन्हारी के आदिवासी बालक छात्रावास से अभियान की शुरुआत हुई। अब तक करीब 350 बच्चों को जूते-मोजे वितरित किए जा चुके हैं। अभियान में एसपी, जिला पंचायत सीईओ, डीएफओ सहित अन्य अधिकारी भी सहयोग कर रहे हैं।

अधिकारी आपस में राशि जुटाकर जूते खरीद रहे हैं और छात्रावासों में पहुंचकर बच्चों से संवाद भी कर रहे हैं। अभियान का लक्ष्य डिंडौरी के 144 छात्रावासों तक पहुंचना है।

बाइट — अंजू पवन भदौरिया, कलेक्टर, डिंडौरी

बाइट — आशीष खरे, एसपी, डिंडौरी

💡 पृष्ठभूमि (Background)

डिंडौरी के कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की ‘SOLES For SOULS’ पहल से 350 बच्चों को जूते और मोजे मिले हैं। यह कार्यक्रम बच्चों के शारीरिक विकास और स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि जूते न होने से वे खेल और शारीरिक गतिविधियों में भाग नहीं ले पाते। यह अभियान न केवल शिक्षा के क्षेत्र में समानता बढ़ाता है, बल्कि समाज में समावेशिता और सहानुभूति की भावना को भी प्रोत्साहित करता है। आम जनता के लिए यह प्रेरणा का स्रोत बनता है, जिससे अन्य क्षेत्रों में भी समान सामाजिक कार्यों को बढ़ावा मिलता है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।