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दीपावली को लेकर गंगा की मिट्टी को आकार देने में जुटे साहिबगंज के कुंभकार और मूर्तिकार

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
दीपावली को लेकर गंगा की मिट्टी को आकार देने में जुटे साहिबगंज के कुंभकार और मूर्तिकार

दीपावली को लेकर साहिबगंज में कुम्हारों की बढ़ी रौनक, गंगा की मिट्टी से तैयार हो रहे दीये और गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाएं, वोकल फॉर लोकल से मिट्टी के कारीगरों को मिला प्रोत्साहन, दीपावली पर सजेगा स्वदेशी दीयों और मूर्तियों का बाजार।

Short Headline: दीपावली को लेकर गंगा की मिट्टी को आकार देने में जुटे साहिबगंज के कुंभकार और मूर्तिकार

मिट्टी की कारीगरी, साहिबगंज, आनंद

दीपावली को लेकर साहिबगंज में कुम्हारों की बढ़ी रौनक

गंगा की मिट्टी से तैयार हो रहे दीये और गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाएं

वोकल फॉर लोकल से मिट्टी के कारीगरों को मिला प्रोत्साहन

दीपावली पर सजेगा स्वदेशी दीयों और मूर्तियों का बाजार

एंकर दीपावली का त्योहार आते ही कुंभकारों को अच्छे बाजार की आस होती है और मिट्टी से बने उत्पादों की बिक्री से उनकी दिवाली भी खास हो जाती है। साहिबगंज के कुम्भकार दीपावली को लेकर गंगा की मिट्टी से दीये, गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाएं और पारंपरिक बर्तन तैयार करने में जुटे हैं। अब वे पारंपरिक कारीगरी को आधुनिक स्वरूप प्रदान कर रहे हैं।

होल्ड अप साउंड

वीओ-01 दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही साहिबगंज में कुम्भकारों के चाक की रफ्तार तेज हो गई है। ये गंगा की मिट्टी से त्योहार को खास बनाने के लिए दीये, घरकुंडा, लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, ग्वालन और पूजा में इस्तेमाल किए जाने वाले बर्तन तैयार कर रहे हैं। कुम्भकार पारंपरिक कला को नया स्वरूप प्रदान करने में जुटे हैं।

बाइट- विष्णु पंडित, कुम्हार बाइट- रूबी देवी, कुंभकार

वीओ-02 दीपावली पर मिट्टी के दीयों के साथ गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाओं का भी विशेष महत्व है। यही वजह है कि साहिबगंज के मूर्तिकार और कुंभकार प्रतिमाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं। मिट्टी से बनी ये प्रतिमाएं न केवल स्थानीय कारीगरों की कला और मेहनत को दर्शाती हैं, बल्कि पर्यावरण अनुकूल विकल्प के रूप में भी अहमियत रखती हैं।

बाइट- अमरनाथ पंडित बाइट- दीनानाथ पंडित

वीओ-03 स्थानीय कारीगरों की इस कला और मेहनत को बाजार तक पहुंचाने में जेएसएलपीएस भी अहम भूमिका निभा रहा है। वोकल फॉर लोकल की पहल पर स्थानीय मूर्तिकारों और कुंभकारों को आर्टिजन क्लस्टर ग्रुप से जोड़कर विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

बाइट- मतीन तारीख, डीपीएम, जेएसएलपीएस

अंतिम वीओ वहीं, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत कुम्भकारों को इलेक्ट्रीक चाक समेत आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाने से उनकी मेहनत को नई रफ्तार मिली है। इससे समय की बचत के साथ उत्पादन और आमदनी बढ़ी है।

साहिबगंज से आनंद कुमार ओझा की रिपोर्ट।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।