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दीपावली के मौके पर रांची की ग्रामीण महिलाएं तैयार कर रहीं "गोबर क्राफ्ट" तैयार, बढ़ी मांग

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
दीपावली के मौके पर रांची की ग्रामीण महिलाएं तैयार कर रहीं "गोबर क्राफ्ट" तैयार, बढ़ी मांग

रांची के सुकुरहुटू गांव की महिलाओं की अनूठी पहल, गाय के गोबर से तैयार कर रहीं इको-फ्रेंडली दीये, गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाएं और आकर्षक सजावटी सामान, गोबर क्राफ्ट से जुड़ी महिलाओं को मिल रहा है स्वरोजगार, वोकल फोर लोकल को मिला बढ़ावा।

Short Headline: दीपावली के मौके पर रांची की ग्रामीण महिलाएं तैयार कर रहीं "गोबर क्राफ्ट" तैयार, बढ़ी मांग

इको-फ्रेंडली दिवाली, रांची, अवधेश

रांची के सुकुरहुटू गांव की महिलाओं की अनूठी पहल

गाय के गोबर से तैयार हो रहे हैं इको-फ्रेंडली दीये

गणेश प्रतिमाएं और आकर्षक सजावटी सामान गोबर क्राफ्ट से जुड़ी महिलाओं को मिल रहा है स्वरोजगार

एंकर राजधानी रांची में महिलाओं का एक समूह गाय के गोबर से पर्यावरण अनुकूल दीये, भगवान गणेश की मूर्तियां और कई दूसरे आकर्षक सजावटी सामान तैयार कर रहा है। इस दीपावली इन महिलाओं का यह अनूठा प्रयास पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की एक बेहतरीन मिसाल पेश कर रहा है।

होल्ड अप साउं रिपोर्ट

वीओ 01. रांची में इस साल की दीपावली कुछ बेहद खास होने वाली है, और इसे खास बना रही हैं सुकुरहुटू गांव की हुनरमंद महिलाएं। ये महिलाएं गाय के गोबर का इस्तेमाल कर दीये, गणेश जी की प्रतिमाएं और विभिन्न प्रकार की सजावटी वस्तुएं तैयार कर रही हैं। 'गोबर क्राफ्ट' के नाम से संचालित समूह के संस्थापक रौशन सिंह ने संस्था के बारे में बताया।

वीओ 02. गोबर क्राफ्ट से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षित कर उनका नेतृत्व कर रही सोनाली मेहता बताती हैं कि गोबर से तैयार ये दीये पूरी तरह से इको-फ्रेंडली हैं और इनका इस्तेमाल एक से अधिक बार किया जा सकता है। सबसे खास बात यह है कि ये दीये पानी पर तैरने की खूबी रखते हैं, जो आगामी छठ महापर्व के दौरान दीपदान के लिए अत्यंत उपयुक्त साबित होते हैं।

वीओ 03. इस समूह से जुड़कर गांव की 50 से अधिक महिलाओं ने स्वरोजगार का एक बेहतरीन और नया अवसर पाया है। महिलाएं बताती हैं कि शुरुआत में उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि गाय के गोबर से भी इतनी उपयोगी और सुंदर कलात्मक चीजें बनाई जा सकती हैं। हालांकि, ये उत्पाद पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ बेहद हल्के और मजबूत भी होते हैं, जो गिरने पर भी नहीं टूटते।

अंतिम वीओ महिलाओं का यह समूह फिलहाल दीयों समेत गाय के गोबर से कुल 41 आकर्षक उत्पाद तैयार कर रहा है। इससे एक तरफ इन महिलाओं को नियमित रोजगार मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय गौ-पालकों को भी सीधा आर्थिक लाभ पहुँच रहा है।

रांची से अवधेश गौतम की रिपोर्ट।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।