दीपावली से पहले मुरैना में खाद्य सुरक्षा विभाग का जांच अभियान तेज, थोक व्यापारी के यहां से 375 किलो किशमिश जब्त
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आमजन के जीवन यापन के लिए बाजार में बिक्री होने वाले दूध, घी ,पनीर ,मिठाई जैसे खाद्य पदार्थ अमानक पाए जाते थे लेकिन उच्च मध्यम वर्ग, उच्च वर्ग की पसंदीदा ड्राई फ्रूट्स भी अमानक होकर बाजार में बिक रहे हैं। ऐसे अमानक खाद्य पदार्थ की बिक्री त्योहार के अवसर पर अधिक होती दिखाई पड़ती है।हालांकि मुरैना जिला कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देश पर दीपावली से पूर्व खाद्य सुरक्षा विभाग ने अमानक खाद्य पदार्थ निर्माता व विक्रेता पर कार्यवाही तेज कर दी है।
अमानक खाद्य पदार्थ की सूचना मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा ड्राई फ्रूट्स के थोक व्यापारी के यहां आकस्मिक कार्यवाही की गई। जांच के दौरान प्रथम दृष्टय़ा किसमिस के अमानक होने की संभावना के चलते नमूना लिया गया। लगभग 375 किलो किसमिस ,जिसकी कीमत एक लाख रूपए है, को जप्त कर लिया गया। यह किसमिस लगभग 9 कार्टून में भरी हुई थी ।
त्योहार के अवसर पर मिठाई में उपयोग होने वाले मावा की शुद्ध बिक्री के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग दल ने मावा मंडी में भी आकस्मिक कार्रवाई की। मावा की आठ दुकानों पर कार्रवाई करते हुए जांच हेतु नमूने लिए गए । वहीं जिले के अंबाह ,पोरसा, जौरा तहसील मुख्यालय पर संचालित दूध डेयरी पर भी दूध, घी के नमूने लेकर जांच को भेजे गए है।
सम्पूर्ण जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यवाही निरंतर जारी होने के बाबजूद भी परिणाम दिखाई नहीं दे रहे हैं क्योंकि जांच हेतु लिए गए नमूने की रिपोर्ट काफी देरी से आना माना जा रहा है । अमानक खाद्य पदार्थ की रिपोर्ट का मामला खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी तथा जिला सत्र न्यायालय में पेश किया जाता है।
इसके निर्णय होने तक अमानक खाद्य पदार्थ का निर्माता व विक्रेता बेखौफ होकर अपने काम को अंजाम देता रहता है। संबंधित न्यायालय द्वारा दंड दिए जाने पर उच्च न्यायालय में फरियाद लगाकर कार्यवाही को लंबित करने का प्रयास करता है । माना जाता है कि इस प्रक्रिया के कारण अमानक खाद्य पदार्थ निर्माता व विक्रेता पर समुचित दंडात्मक कार्रवाई नहीं हो पाती ओर वह निरंतर अपने कार्य को अंजाम देता रहता है।
--- बाईट ---- दिनेश निम, खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुरैना