दीपावली की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति मुर्मु ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं
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नवंबर 07, नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दीपावली की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संदेश में कहा है, “दीपावली के शुभ अवसर पर मैं, भारत और विदेश में रह रहे सभी भारतीयों को बधाई और शुभकामनाएं देती हूं। रावण पर विजय के बाद उनके अयोध्या लौटने पर जो आनंदोत्सव मनाया गया उसमें प्रभु श्रीराम द्वारा सुंदर दीपमाला का सहर्ष अवलोकन किया गया, यह लोक विश्वास दीपावली मनाने का सांस्कृतिक और भक्तिपूर्ण आधार है।
यह त्योहार रामराज्य के शुभारंभ का प्रतीक भी है। बुरी प्रवृत्तियों पर अच्छे संस्कारों की विजय का संदेश देने वाला यह पर्व हर प्रकार के कष्टों के समाप्त होने और सुखमय जीवन के आरंभ होने के विश्वास का अवसर भी है। दीपावली के अवसर पर, शुभारंभ एवं कल्याण के प्रदाता श्रीगणेश एवं सुख-समृद्धि की अधिष्ठात्री महालक्ष्मी की उपासना तथा सबके लिए खुशहाली की प्रार्थना की जाती है।
मैं कामना करती हूं कि देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि व्याप्त हो, पर्यावरण संरक्षित रहे, समरसता और बंधुता के आदर्श और अधिक मजबूत हों तथा देशप्रेम की भावना से प्रेरित हमारी युवा पीढ़ी, आदर्श भारतीय मूल्यों के अनुरूप, विकसित भारत के निर्माण में उत्साहपूर्वक योगदान दे।” फाइल फोटो- द्रौपदी मुर्मु, राष्ट्रपति
💡 पृष्ठभूमि (Background)
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दीपावली की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। यह विषय दीपावली के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को दर्शाता है, जहाँ अंधकार पर प्रकाश की जीत का जश्न मनाया जाता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि राष्ट्रपति की शुभकामनाएँ राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करती हैं तथा विदेश में रहने वाले भारतीयों के साथ भावनात्मक संबंध बनाए रखती हैं। आम जनता पर इसका असर सकारात्मक है, क्योंकि यह एकता की भावना जगाती है, परंपराओं के प्रति गर्व बढ़ाती है और सामाजिक समरसत
🎙️ जनता का संदेश का मत
दीपावली के उजाले में हम सभी को याद रखना चाहिए कि सच्ची जीत केवल जीत-हार के खेल में नहीं, बल्कि सहनशीलता और संवाद में निहित है। जब भी किसी विवाद का सामना हो, शांत मन से बातचीत या कानूनी मार्ग अपनाना बेहतर है। समाज को एकजुट करने के लिए हमें सहानुभूति और परस्पर सम्मान को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि हर व्यक्ति सुरक्षित और खुशहाल महसूस करे।