दीवाली से पहले बिजली संकट, 40% पावर प्लांट्स में कोयले का स्टॉक लगभग खत्म- सरकार
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दीपावली के त्यौहार में लगभग एक महीने का समय ही बचा है, ऐसे समय में जब बिजली की खपत बढ़ जाती है तब देश बिजली संकट से जूझ रहा है.
ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि सरकारी डाटा के आंकड़े बता रहे हैं.
इन आंकड़ों के मुताबिक भारत में करीब 40 प्रतिशत कोयले से चलने वाले प्वार प्लांट के पास बहुत कम मात्रा में फ्यूल बचा है.
एक हफ्ते में बढ़ गई संख्या
दरअसल सोमवार को सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के डाटा से इस बात का पता चला है.
इस डाटा के मुताबिक 19 सितंबर तक ऐसे पावर प्लांट जिनके पास कोयले का बहुत कम स्टॉक बचा है, उनकी संख्या तेजी से बढ़कर 74 हो गई.
पंलांट्स के पास 35 प्रतिशत से भी कम कोयले का स्टॉक बचा है, जिससे केवल तीन दिन से भी कम समय तक बिजली पैदा हो सकती है. ये संख्या पिछले हफ्ते तक करीब 60 थी. जो एक हफ्ते में ही तेजी से बढ़ गई है.
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क्यों हो रही कोयले की कमी?
रिपोर्ट्स के मुतबाकि अलनीनो के असर और मौसम के बदलते मिजाज के कारण ऐसा हो रहा है.
इस पीक समय में बिजली की जरूरत भी ज्यादा ही पड़ रही है.
अल नीनो और हीट वेव के कारण मौसम जरूरत से ज्यादा गर्म बना हुआ है.
इसी की वजह से बिजली की खपत भी ज्यादा हो रही है और प्लांट में कोयले की कमी भी हो रही है.
कितनी है भारत की 'पीक पावर डिमांड'?
सरकारी डाटा के मुताबिक भारत में बिजली की अधिकतम जरूरत, यानी 'पीक पावर डिमांड', पिछले हफ्ते 230 गीगावाट से 250 गीगावाट के बीच रही.
तो वहीं मई में बिजली की अधिकतम मांग 270.70 गीगावाट के अब तक के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गई थी.
इसे लेकर क्रिसिल के एनालिस्ट्स का कहना है कि पावर प्लांट के स्टॉक में
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar