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दीवार पर टंगे जीते मेडल, सामने सब्जियों की रेडी:रांची का इंटरनेशनल प्लेयर बेच रहा सब्जियां, थ्रोबॉल खिलाड़ी अमरदीप ने जीते हैं गोल्ड मेडल

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 8 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
दीवार पर टंगे जीते मेडल, सामने सब्जियों की रेडी:रांची का इंटरनेशनल प्लेयर बेच रहा सब्जियां, थ्रोबॉल खिलाड़ी अमरदीप ने जीते हैं गोल्ड मेडल

रांची के अरगोड़ा चौक पर सब्जी तौलते अमरदीप कुमार का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है। वीडियो में एक तरफ अमरदीप ग्राहकों को सब्जी तौलते नजर आते हैं, तो दूसरी तरफ उनके पीछे दीवार पर देश के लिए जीते गए कई मेडल टंगे दिखाई देते हैं। यह तस्वीर सिर्फ एक खिलाड़ी की मजबूरी नहीं, बल्कि संघर्ष, हौसले और व्यवस्था के बीच खड़ी एक कड़वी सच्चाई भी दिखाती है।

थ्रोबॉल खिलाड़ी हैं अमरदीप अमरदीप कोई सामान्य दुकानदार नहीं हैं। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके थ्रोबॉल खिलाड़ी हैं। देश के लिए स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। कभी खेल के मैदान में तिरंगा ऊंचा करने वाले अमरदीप आज परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए सब्जी बेच रहे हैं। उनकी कहानी यह सोचने को मजबूर करती है कि देश के लिए पदक जीतने के बाद खिलाड़ियों की जिंदगी कितनी सुरक्षित होती है।

हालांकि, परिस्थितियों ने उनके हाथ में तराजू जरूर थमाया है, लेकिन खेल और देश के लिए कुछ कर गुजरने का उनका जज्बा आज भी कायम है। 2015 में भारत को दिलाया स्वर्ण पदक अमरदीप ने वर्ष 2013 में थ्रोबॉल खेलना शुरू किया था। सीमित संसाधनों और किसी बड़े सपोर्ट सिस्टम के बिना उन्होंने मेहनत और लगन से अपना खेल निखारा।

उनकी मेहनत का परिणाम वर्ष 2015 में सामने आया, जब उनका चयन जूनियर एशियाई चैंपियनशिप के लिए हुआ। प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए अमरदीप ने भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। यह उपलब्धि उनके जीवन का टर्निंग प्वाइंट बनी। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खेलते हुए उन्होंने कई बार तिरंगा लहराया और झारखंड के साथ देश का नाम रोशन किया।

लेकिन मेडल जीतने की चमक के पीछे आर्थिक संघर्ष लगातार चलता रहा। अमरदीप के माता-पिता आज भी सब्जी बेचकर परिवार का जीवनयापन करते हैं। पिता के अनुसार, बेटे को प्रतियोगिताओं में भेजने के लिए परिवार को कई बार कर्ज तक लेना पड़ा। उनका कहना है कि बेटे के देश के लिए खेलने के जुनून के सामने वे पीछे नहीं हटे, लेकिन हर प्रतियोगिता से पहले पैसों की चिंता जरूर सताती रही।

एशियाई चैंपियनशिप में भी जीता गोल्ड बातचीत में पता चला परिवार ने कई बार उधार लेकर अमरदीप को देश और विदेश की प्रतियोगिताओं में भेजा है। बेटे ने भी परिवार की उम्मीदों को जीत में बदलने में कोई कसर नहीं छोड़ी,

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

रांची के अरगोड़ा चौक पर एक थ्रोबॉल खिलाड़ी अमरदीप कुमार, जो अपनी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं, रोज़ सब्ज़ी तौलते हुए दिख रहे हैं। यह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जहाँ उनके पीछे दीवार पर उनके कई मेडल लटकते दिख रहे हैं। यह कहानी दिखाती है कि कैसे खेल जगत के सितारे भी सामान्य जीवन के संघर्षों का सामना करते हैं। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह खेल और रोज़मर्रा की ज़िंदगी के बीच के अंतर को उजागर करती है, और समाज को यह सिखाती है कि सफलता के बावजूद भी साधारण कामों की अहमियत

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