दिव्यऋषि तिवारी की मौत के विरोध में करणी सेना का मशाल जुलूस, MP नगर थाने में सौंपा ज्ञापन
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भोपाल, 3 अक्टूबर। भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री एवं अधिवक्ता स्व. दिव्यऋषि तिवारी की 28 सितंबर को डीबी मॉल, एमपी नगर के सामने बिजली के खंभे में करंट फैलने से हुई मौत के विरोध में करणी सेना सवर्ण समाज, भारत की ओर से मशाल जुलूस निकाला गया। जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह चंदेल के नेतृत्व में निकला जुलूस डीबी मॉल से एमपी नगर थाने तक पहुंचा, जहां थाना प्रभारी एवं प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया।
आयोजकों के अनुसार जुलूस में अधिवक्ताओं, भाजयुमो कार्यकर्ताओं और करणी सैनिकों सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। ज्ञापन के माध्यम से संबंधित बिजली विभाग और नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
करणी सेना ने मांग की कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ BNS की धारा 105 और 106 के तहत एफआईआर दर्ज की जाए, मृतक के परिवार को 2 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए और भोपाल शहर के सभी बिजली खंभों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए।
जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह चंदेल ने कहा कि संगठन की नजर में यह केवल हादसा नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की कथित लापरवाही का मामला है। उन्होंने कहा कि यदि तीन दिन के भीतर एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो संगठन आंदोलन करेगा और भोपाल बंद का आह्वान किया जा सकता है।
संगठन ने मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की भी बात कही है। इसके तहत संबंधित बिजली विभाग और नगर निगम से खंभे के पिछले एक वर्ष के मेंटेनेंस रिकॉर्ड की जानकारी आरटीआई के माध्यम से मांगने तथा भोपाल में खुले करंट वाले बिजली खंभों से लोगों की सुरक्षा के मुद्दे पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने की बात कही गई है।
मशाल जुलूस के दौरान करणी सेना भारत सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ज्ञापन और संगठन की ओर से की गई मांगों में बिजली के खंभों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया गया।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
भोजपुरी युवा मोर्चा के प्रमुख दिव्यऋषि तिवारी की 28 सितंबर को डीबी मॉल के सामने बिजली के खंभे से हुई बिजली के झटके से मृत्यु के विरोध में करणी सेना सवर्ण समाज और भारत ने मशाल जुलूस चलाया। यह घटना दर्शाती है कि सार्वजनिक स्थानों पर विद्युत सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है और किसी भी दुर्घटना के बाद समाज की आवाज़ कितनी तेज़ हो सकती है। जुलूस ने पुलिस और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा, जिससे अधिकारियों पर सुधारात्मक कदम उठाने का दबाव बढ़ा। इस प्रकार की सार्वजनिक मांग से नागरिकों को सुरक्षा नियमों की सख्त निगरा