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डॉ. मनस्वी अग्रवाल ने एवरेस्ट पर फहराया तिरंगा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 30 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
डॉ. मनस्वी अग्रवाल ने एवरेस्ट पर फहराया तिरंगा

उदयपुर की डॉ. मनस्वी अग्रवाल ने मई 2026 में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर राजस्थान का नाम रोशन किया। मनस्वी राजस्थान की पहली आम महिला बनीं, जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने महज नौ महीने में पांच महाद्वीपों की पांच ऊंची पर्वत चोटियों पर तिरंगा फहराया। हालांकि, एवरेस्ट अभियान से लौटते समय भीषण ठंड के कारण उनके पैरों की अंगुलियां गंवानी पड़ीं। उनकी इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उन्हें सम्मानित भी किया।

उदयपुर, 30 अक्टूबर। कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो दुनिया की कोई भी ऊंचाई इंसान के कदम नहीं रोक सकती। इसी जज्बे की मिसाल पेश की है उदयपुर की डॉ. मनस्वी अग्रवाल ने। जिन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर इतिहास रच दिया। लेकिन इस कामयाबी की कीमत उन्हें अपनी जिंदगी का सबसे कठिन दर्द सहकर चुकानी पड़ी।

एवरेस्ट अभियान से लौटते समय भीषण ठंड के चलते उनके पैरों की अंगुलियां गल गईं और दोनों पैर काटने तक की नौबत आ गई। उदयपुर की रहने वाली डॉ. मनस्वी अग्रवाल ने मई 2026 में माउंट एवरेस्ट फतह कर राजस्थान का गौरव बढ़ाया। इस उपलब्धि के साथ वे एवरेस्ट पर पहुंचने वाली राजस्थान की पहली आम महिला बनीं।

इससे पहले प्रदेश की तीन महिलाएं एवरेस्ट पर पहुंच चुकी थीं, लेकिन वे सेना, अर्धसैनिक बल या सरकारी संस्थानों से जुड़ी हुई थीं। मनस्वी का पर्वतारोहण का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण और रोमांच से भरा रहा। अगस्त 2025 से मई 2026 के बीच महज नौ महीनों में उन्होंने पांच महाद्वीपों की पांच प्रमुख पर्वत चोटियों को फतह किया।

इनमें यूरोप की एल्ब्रुस, अफ्रीका की किलिमंजारो, अंटार्कटिका की विन्सन मैसिफ, दक्षिण अमेरिका की अकोंकागुआ और एशिया की माउंट एवरेस्ट शामिल हैं। खास बात यह है कि मनस्वी विन्सन मैसिफ पर पहुंचने वाली राजस्थान की पहली शख्सियत भी हैं। हालांकि, इस कामयाबी का सफर आसान नहीं था। एवरेस्ट अभियान से लौटते समय अत्यधिक ठंड और बर्फीले मौसम के कारण उनके पैरों की अंगुलियां बुरी तरह प्रभावित हो गईं।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि दोनों पैर काटने तक की नौबत आ गई थी। इतना ही नहीं, उनके साथ अभियान पर गए टीम के दो सदस्यों की भी मौत हो गई। तमाम मुश्किलों और जोखिमों के बावजूद मनस्वी का यह अभियान राजस्थान के लिए एक बड़ी उपलब्धि बन गया। पेशे से लॉ प्रोफेसर डॉ. मनस्वी अग्रवाल को पर्वतारोहण के अलावा शूटिंग और घुड़सवारी का भी शौक है।

उनकी इस असाधारण उपलब्धि के लिए 15 अगस्त को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बीकानेर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में सम्मानित किया था। डॉ. मनस्वी अग्रवाल की कहानी सिर्फ एवरेस्ट फतह करने की कहानी नहीं, बल्कि हौसले, जुनून और संघर्ष की मिसाल है। उन्होंने साबित कर दिया कि सपनों की ऊंचाई के सामने मुश्किलें भी छोटी पड़ जाती हैं।

आज उनकी उपलब्धि पूरे राजस्थान के लिए गर्व का विषय है।

बाइट — डॉ. मनस्वी अग्रवाल बाइट — तुलसीराम अग्रवाल, पिता

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।